• #UP: डीजीपी की नई पहल, थानों पर नियुक्त होंगे इतने इंस्पेक्टर, विभाजित की गई जिम्मेदारियां

    लखनऊ। सूबे में बढ़ते अपराध पर नियंत्रण पाने के लिए यूपी पुलिस लगातार कड़ी मेहनत कर रही है और लगभग काफी हद तक इसमें सफलता भी मिली है। उसी क्रममे सूबे पुलिस मुखिया ओपी सिंह ने गुरुवार को पुलिस व्यवस्था में नए व्यवस्था लागू करने का निर्देश जारी किया।

    निर्देश में साफ है कि यूपी पुलिस की लगातार बढ़ रही चुनौतियों को पूरा करने के उद्देश्य से डीजीपी ने प्रदेश के सभी पुलिस कप्तानों को परिपत्र भेज कर निर्देश दिये हैं कि क्षेत्राधिकारी मुख्यालय के थानों पर प्रभारी निरीक्षक भार साधक अधिकारी के सम्पूर्ण पर्यवेक्षण में अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक (प्रशासन ) व अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक (अपराध ) तथा अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक (कानून व्यवस्था ) को नियुक्त किया जाये। इनकी नियुक्ति में जिले के कप्तानों सुनिश्चत करने को कहा गया हैं।

    प्रभारी निरीक्षक वरिष्ठता सूची के अनुसार सबसे वरिष्ठतम होना चाहिये।प्रभारी निरीक्षक (भार साधक अधिकारी )के अन्तर्गत किन्हीं करणों से तीन से कम निरीक्षक नियुक्त होते हैं तो प्रभारी निरीक्षक अपने पर्यवेक्षण में नियुक्त निरीक्षकों को अतिरिक्त प्रभार दे सकते हैं। ओपी सिंह ने प्रभारी निरीक्षक सहित अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षकों के उत्तर दायित्वों का निर्धारण करते हुये जोन एवं परिक्षेत्र स्तर पर प्रभारी पुलिस अधिकारियों को निकट पर्यवेक्षण हेतु निर्देश दिये हैं ।

    यह रहेंगे प्रभारियों के कार्य

    प्रभारी निरीक्षक (भार साधक अधिकारी)

    तीनों अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षकों एवं एसएसआई के कार्यो का सम्पूर्ण पर्यवेक्षण व भार साधक अधिकारी के समस्त दायित्वों का निर्वहन तथा समस्त आने व भेजी जाने वाली डाक का अवलोकन व गम्भीर अपराधों के घटनास्थल का निरीक्षण, अभियोगों का पंजीकरण, अति महत्वपूर्ण एवं जघन्य अपराधों की विवेचना व मासिक सम्मेलन एवं वेलफेयर से सम्बन्धित समस्त कार्य तथा कर्मचारियों के अवकाश सम्बन्धी प्रार्थना-पत्रों का समयबद्ध निस्तारण व जन सुनवाई तथा न्यायालय के प्रोसेस का क्रियान्वयन व थाने के मालखाने का प्रभार एवं महत्वपूर्ण अभिलेखों का रख-रखाव व जघन्य अपराध, नक्सल व आतंकवादी गतिविधियों की अभिसूचना संकलन कर डेटाबेस तैयार कराना।

    अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक (प्रशासन)

    सम्पूर्ण प्रशासन एवं आंकिक कार्य तथा सभी प्रकार के सत्यापन व जीपी लिस्ट एवं थाने से सम्बन्धित स्थापना कार्य व लोक शिकायत प्राप्त करना एवं उनके निवारण, सभी प्रार्थना-पत्रों का स्टाफ में आवंटन तथा मानव संसाधन प्रबन्धन एवं अनुशासन व थाने से सम्बन्धित बजट सम्बन्धी कार्य व मालखाना, आर्म्स एमुनेशन, लाइब्रेरी, लाॅकअप का समुचित रख-रखाव तथा थाना परिसर व पुलिस कर्मियों के आवास का अनुरक्षण आदि व न्यायालयों से सम्बन्धित सम्मन, नोटिस एवं अन्य वैधानिक आदेश का सम्पादन तथा उससे सम्बन्धित अनुपालन आख्या भेजने में प्रभारी निरीक्षक(भारसाधक अधिकारी) को सहयोग तथा जनसम्पर्क कार्य व जनसुनवाई में सहयोग व पुलिस आधुनिकीकरण की योजना बनाना व कम्युनिटी पुलिसिंग-विभिन्न समितियों की बैठक आयोजित करना व मालखाने के प्रबन्धन में प्रभारी निरीक्षक भारसाधक अधिकारी को सहयोग व अपील व रिव्यू, रिट के मामले देखेंगे।

    अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक (अपराध)

    अपराध से सम्बन्धित सभी मामलों की जिम्मेदारी, अपराध सम्बन्धी सभी रिपोर्ट प्रेषित करना व अभियोग पंजीकरण को छोड़कर सीसीटीएनएस योजना के अन्तर्गत समस्त कार्यों का नियत समय में सम्पादन एवं डिजिटलीकरण व अपराधों एवं यू0पी0 100 की पाक्षिक व मासिक एनालिसिस, जिससे भविष्य में ऐसी प्रकृति के अपराधों पर नियंत्रण किया जा सकें व चुनावी अपराधों के रोकथाम के लिए कार्ययोजना व सभी गम्भीर अपराधों के घटनास्थल का निरीक्षण तथा पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान करना, सभी अपराधिक अभियोगों की विवेचना करना, कराना व साइबर अपराधों की विवेचना व विवेचना से सम्बन्धित सभी रजिस्टर, क्राईम चार्ट, सजायाफ्ता रजिस्टर, हिस्ट्रीशीट, मोडस आॅपरेन्डी, फिंगर प्रिन्ट रजिस्टर आदि का समुचित रखरखाव व अपराधियों के डोजियर का रखरखाव, क्रियाशील अपराधियों की निगरानी, रजिस्टर गैंग की निगरानी, संगठित अपराध करने वाले अपराधियों को सूचीबद्ध करना, अपराधियों के गैंग को रजिस्टर्ड कराना व गैंग्स्टर , एन0एस0ए0 सहित अन्य निरोधात्मक कार्यवाही उसके अलावा  हत्या, लूट, डकैती एवं अन्य गम्भीर अपराधों की सूचना भेजना एवं शीघ्र अनावरण का प्रयास व महत्वपूर्ण अभियोगों की सूची बनाकर प्रभावी पैरवी एवं गवाहों व माल मुकदमाती को न्यायालय में प्रस्तुत कराना एवं साक्षियों को सुरक्षा प्रदान करना व उच्च न्यायालय में विचाराधीन प्रकरणों की प्रभावी पैरवी करेंगे।

    अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक (कानून-व्यवस्था)

    थानाक्षेत्र से सम्बन्धित कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी व अपराध रोकथाम हेतु विभिन्न ड्यूटियों के लिए पुलिस पार्टियों का व्यवस्थापन व यातायात व्यवस्था, बीट पेट्रोलिंग, नाकाबन्दी बन्दोबस्त आदि कार्य तथा एन्टीरोमियो स्क्वाड व प्राकृतिक आपदा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन, त्यौहार, धार्मिक आयोजन आदि के अवसर पर पुलिस व्यवस्थापन व शान्ति-व्यवस्था तथा अतिरिक्त पुलिसबल की मांग तथा ड्यूटी निर्धारण, नियमित चेकिंग एवं रोलकाल व  यू0पी0-100 की गाडियों का प्रबन्धन एवं रखरखाव व  वीआईपी ड्यूटी एवं चुनाव ड्यूटी का व्यवस्थापन, प्रबन्धन एवं अनुश्रवण व अपराध से प्रभावित होने वाले सम्भावित स्थलों जैसे- माल, बहुमंजिली इमारतें, होटल, मार्केट आदि की सुरक्षा के कार्य देखेंगे।

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