• फर्जी परमिट के सहारे लाई जा रही थी अवैध शराब, चिनहट इलाके से एसटीएफ ने बरामद किया 1160 पेटी व्हिस्की

    Compiled and edited by Rajkumar Tiwari

    लखनऊ। एसटीएफ ने पंजाब प्रदेश से शराब की तस्करी करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह के 06 सदस्यों को राजधानी के थाना चिनहट क्षेत्र से गिरफ्तार कर 1160 पेटी क्रेज़ी रोमियो व्हिस्की जिसकी खुलेबजार में कीमत 16 लाख रूपये है बरामद किया है। एसटीएफ ने पकड़े गये प्रवीन कुमार पुत्र रामपाल, निवासी ग्राम बुआना लक्खू थाना इशराना, जिला पानीपत, हरियाणा व देवेन्द्र सिंह पुत्र सतवीर सिंह, निवासी ग्राम बुआना लक्खू थाना इशराना, जिला पानीपत, हरियाणा व अनिल कुमार पुत्र दयानन्द, निवासी धौर, थाना झज्झर, जिला झज्झर, हरियाणा व गुरूसेवक सिंह पुत्र अमरीक सिंह, निवासी सदरवाला, थाना सदर जिला मुक्तशर साहिब, पंजाब व रविकुमार पुत्र जगदीश चन्द्र निवासी गुल्लरवाड़ा, थाना तोहाना, जिला फतेहाबाद हरियाणा व सिद्धार्थ चैधरी उर्फ मिन्टू पुत्र प्रबल कुमार चैधरी, निवासी मोहल्ला हजारी टोला, माली मण्डी, थाना कोतवाली गोरखपुर, हाल पता-मकान शिवकुमार सिंह फ्लैट नं0 डी-54, पाश्र्वनाथ सिटी, फैजाबाद रोड तिवारीगंज, थाना चिनहट, लखनऊ के पास से 1160 पेटी क्रेज़ी रोमियो व्हिस्की व 01 अदद ट्रक 10 टायरा व 01 अदद स्वीफ्ट कार तथा 07 अदद मोबाइल व नगदी बरामद की है।पूछताछ पर गिरफ्तार प्रवीन कुमार एवं अन्य सभी लोगों द्वारा बताया गया कि यह अंग्रेजी शराब क्रेजी रोमियों व्हिस्की कूट रचित इनवाईस, परमिट तथा बिल्टी बनाकर आज लखनऊ लाये थे।

    इनमें कुछ पेटी माल सिद्धार्थ चैधरी उर्फ मिन्टू को लखनऊ मे देना था तथा शेष माल जनपद कुशीनगर ले जाना था। यह अवैध शराब पक्ष में उपायुक्त, आबकारी विभाग, अरूणाचल प्रदेश, ईटानगर द्वारा निर्गत परमिट पर कूटरचित कागजात के आधार पर ले जाई जा रही थी। उल्लेखनीय है कि इस शराब पर अरूणाचल प्रदेश में बिक्री हेतु का स्टीकर भी लगा हुआ है। सम्भवतः इसी कारण से अरूणाचल प्रदेश के कूटरचित परमिट को असली की तरह इन आरोपियों ने प्रयोग किया है। उच्चाधिकारियों के जरिये से ईटानगर के उपायुक्त, आबकारी विभाग से सम्पर्क किया गया तो उनके द्वारा इस प्रकार का कोई परमिट जारी किया जाना नही पाया गया। इस प्रकार तस्करी कर अन्य प्रांत से अंग्रेजी शराब उत्तर प्रदेश में बिक्री प्रतिबंधित होने के पश्चात भी यहां बिक्री हेतु तस्करों द्वारा लाई जाती है, जिससे सरकार को भारी राजस्व की हानि होती है तथा शराब तस्करों को और डिस्टलरी फैक्ट्री को अवैध आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।

    पूछताछ से यह भी ज्ञात हुआ कि इस अवैध शराब के मूल्य मे पंजाब राज्य एवं उत्तर प्रदेश में काफी अन्तर है। इसी कारण उत्तर प्रदेश में इसकी तस्करी होती है।एसटीएफ फर्जी परमिट के आधार पर की गई शराब की सप्लाई के सम्बन्ध में फैक्ट्री के सम्बन्धित पदाधिकारियों की भूमिका के सम्बन्ध में भी जांच करेगी। पकड़े गये आरोपियों को थाना-चिनहट, जनपद-लखनऊ में दाखिल कर उनके विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

    Print Friendly, PDF & Email

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    error: Content is protected !!