• #बतकहीबाज : इकबालिया बयान ! जख्मों पर नमक के साथ मिर्ची पाउडर

    Vinay Kumar Pandey
    व्यंग्य

    व्यंग्य लिखना भी कम रिस्की नहीं है। व्यंग्य को हमेशा व्यंग्य की तरह लेना चाहिए। व्यंगय पढ़कर कभी संजीदा नहीं होना चाहिए। सफाई इस वजह से दे रहा हूं क्योंकि मैं भी विवाहित हूं। मसला जानने के बाद मेरे सफाई देने का आशय समझ जाएंगे। सफाई नहीं देने पर इस बार सुखचैन गायब होने का डर है। दरअसल बात ऐसी है, अधिकतर शादीशुदा लोग गिन-गिन कर अपनी जिंदगी का दिन काटते हैं। शादीशुदा लोग दिन और डे में अंतर समझ ही नहीं पाते। शादीशुदा लोगों को उनके हाल पर छोड़िए। बात समझिए, इस मसले को ज्यादा फेंटना इंज्यूरियस टू हेल्थ है।

    जानकारी बस हम लोगों को नहीं

    वनस अपऑन इन बनारस, दो बेचारे शादीशुदा लोग आपस में बतकहीबाजी कर रहे थे। मुद्दा था दिन और डे। घुट-घोंट कर जिंदगी काट रहे दोनों में से एक विवाहित बंदे ने कहा आजकल हर तारीख स्पेशल डे होती है। बताया, इसकी जानकारी बस हम लोगों को नहीं हो पाती। पहले वाले विवाहित मानुष ने दूसरे वाले शादीशुदा शख्स के जख्मों पर इतना कह कर मानो नमक के साथ मिर्ची पाउडर डाल दिया।

    असली वाले सोशल वर्कर

    दूसरे वाले शादीशुदा शख्स का इकबालिया बयान था, दिन का अस्तित्व पंडित, पुजारी और एस्ट्रोलॉजर ने बचा रखा है। बताया, आजकल ज्यादातर लोग डे मनाने में परेशान करते हैं। ज्यादा तकलीफ वैलेंटाइन डे मनाने वाले देते हैं। वेलेंटाइन डे मनाने वालों को जो लोग कूटते हैं, असली वाले सोशल वर्कर वही हैं। कहा, वेस्टर्न कल्चर के फेर में पड़कर जो लोग वैलेंटाइन डे मनाते हैं वो अनसोशल एलिमेंट्स होते हैं। गुजारिश किया, ऐसे लोगों के खिलाफ सोशल मीडिया पर हमें कैंपेन चलाना चाहिए। याद रहे, गंभीर नहीं होना है।

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