• #बतकहीबाज : Commercial brake! हमें भारी लोगों का आभारी होना चाहिए

    Vinay Kumar Pandey
    व्यंग्य

    कभी फुरसत में खुद से मिलूंगा, लोगों से सुना है बहुत बुरा हूं मैं…। फिलहाल बात आज के दौर की। देखिए, वक्ति दौर में दौरे पड़ने के नाते जहां इश्क और वफा जैसी बातें बेमानी और बदचलन होती जा रही हैं वहीं मोटापा एक बार गले पड़ने के बाद आपको Unconditional प्यार और वफा की बेड़ियों में प्रेमकैदी की तरह जकड़े रहता है। मोटापा इंसान को निस्वार्थ इश्क का संदेश और साथ में बीमारियां भी Free में देता है। फायदा इसका जान रहे हैं? इससे मोहब्बत जैसी Autonomous organization में आपका विश्वास Corruption की तरह सनातन बना रहता है।

    मकान में कब्जा

    मोटापा आपसे कुछ नहीं चाहता नहीं, लेकिन आप फिर भी उससे छुटकारा चाहते हैं। ये रुपये की तरह गिरते मानवीय मूल्यों की तरफ संकेत करता है। मोटापा बिन बुलाए Guest की तरह विनम्रतापूर्वक आता है। फिर छोटे से Commercial brake के बाद किराए न अदा करने वाले किराएदार की तरह मकान में कब्जा जमा लेता है। लापरवाही की सवारी करते हुए मोटापा सबसे पहले उदारतापूर्वक आपके उदर (पेट) पर धावा बोलता है। पेट को मोटापे की चपेट में आने के बाद अपना कार्यक्षेत्र बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। और इस हादसे के चलते पेट सफलतापूर्वक Buildup और Carpet area में इजाफा करते हुए मोटापे की सिद्धि को प्राप्त कर लेता है। बढ़े हुए उदर की कदर करने की अपेक्षा हर विकासशील देश के जिम्मेदार नागरिक से की जानी चाहिए। आशय बिल्कुल साफ है, विकासशील देश हर क्षेत्र में बढ़ने के लिए सतत प्रयासशील और भावुक रहता है।

    नादान ही रह जाता

    पेट का विधिवत रूपांतरण जब तोंद के रूप में होता है तो उसका रूप और निखर जाता है। Body का अभिन्न अंग बने रहने के लिए तोंद, गोंद की तरह चिपकी होती है। पेट से प्रेरणा और ताकत लेकर कमर भी घेरेबंदी करते हुए China और Pakistan की तरह अपने Borders का Encroachment करते हुए अपना घेरा अनाधिकृत रूप से बढ़ाकर 1BHK के Middle class घर से निकलकर 3BHK के Upper class सपने को पूरा कर लेती है। हमें भारी लोगों का आभारी होना चाहिए क्योंकि अगर वो अपना वजन नहीं बढ़ाते तो नई-नई बीमारियां जन्म और संकल्प लेकर अपना जलवा नहीं दिखा पातीं। कभी सोचिएगा, नई-नई बीमारियां सामने नहीं आतीं तो चिकित्सा विज्ञान इनका निदान न खोज कर नादान ही रह जाता। है न?

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