• #बतकहीबाज : दर्शक दीर्घा! किनारे पर घर मत बना लेना, मैं समुंदर हूं, लौट कर जरूर आऊंगा

    Vinay Kumar Pandey व्यंग्य वक्त नचाए जिसको यार, वो फिर नाचे बीच बाजार। समय से जालिम कोई नहीं। हिसाब-किताब के

    Read more

    #बतकहीबाज : मिस्टर इंडिया! और एक नाम लिस्ट में जुड़ जाता तो किसी का क्या जाता?

    Vinay Kumar Pandey व्यंग्य कुछ लोगों के पास जमा पूंजी के नाम पर सिर्फ जुबान होती है। जुबान से आशय

    Read more

    #बतकहीबाज : दास्तान-ए-कारस्तानी! सीओ के सामने आरोप-वारोप सुन कर थाना प्रभारी नरभसिया गए

    Vinay Kumar Pandey व्यंग्य ट्रांसपेरेंट व्यवस्था के मामले में वेरी रिच वाले महकमा के किस्से निराले हैं। ट्रांसपेरेंसी ऐसी कि

    Read more

    #बतकहीबाज : वर्चुअल क्लास! खामोशियों की गिरफ्त में चलते हैं, बातें ज्यादा हो गईं तो जज्बात खुल जाएंगे

    Vinay Kumar Pandey व्यंग्य चलो अब खामोशियों की गिरफ्त में चलते हैं, बातें ज्यादा हो गईं तो जज्बात खुल जाएंगे।

    Read more

    #बतकहीबाज : महादेव ब्रदर! जवन करे के हौ कर ला, तोहरे जइसन भौकाली रोज इहां आवेलन

    Vinay Kumar Pandey व्यंग्य महादेव ब्रदर! देखा गुरु ई बनारस हौ। बनारस में कोई बात छिपत नाहीं, जाने ला काहें?

    Read more

    #बतकहीबाज : कलर चेंजिंग कला! रंग बदलने पर कॉपीराइट वाली बात गलत है

    Vinay Kumar Pandey व्यंग्य मजरा इस दफा जरूरत से ज्यादा संजीदा है। गिरगिट ने कहा, मौजूदा दौर में लोग हमारी

    Read more

    #बतकहीबाज : इकबालिया बयान ! जख्मों पर नमक के साथ मिर्ची पाउडर

    Vinay Kumar Pandey व्यंग्य व्यंग्य लिखना भी कम रिस्की नहीं है। व्यंग्य को हमेशा व्यंग्य की तरह लेना चाहिए। व्यंगय

    Read more

    #बतकहीबाज : शातिराना कला! करते हैं इमोशनल अत्याचार, बताते हैं आप से है प्यार

    Vinay Kumar Pandey व्यंग्य दौर इमोशनल ब्लैकमेलिंग का है। इमोशनल ब्लैकमेलिंग का अत्याचार गुजरे जमाने में भी हुआ करता था

    Read more