• #बतकहीबाज : लालबत्ती! गाड़ी अपने गंतव्य तक पहुंच कर वीआईपी होने के मंतव्य को पूरा करती थी

    Vinay Kumar Pandey व्यंग्य याद होगा, लालबत्ती सिर्फ रोशनी ही नहीं देती थी बल्कि वीआईपी कल्चर को शोभा भी देती

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    #बतकहीबाज : टैग गिरोह! डिजिटल आपाधापी के घोर कलयुग में इंसानियत

    Vinay Kumar Pandey व्यंग्य फेसबुक को अगर आभासी दुनिया माना जाता है तो फेसबुक पर टैग करने वाले गिरोह को

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    #बतकहीबाज : Opposition! बिन सत्ता नहीं लगता अच्छा, वक्त जल्दी कटता नहीं

    Vinay Kumar Pandey व्यंग्य पता होगा आपको! उनकी हिम्मत कमाल की है, लाजवाब हैं वो लोग, किस्मत जबराट टनाटन है।

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    #बतकहीबाज : Commercial brake! हमें भारी लोगों का आभारी होना चाहिए

    Vinay Kumar Pandey व्यंग्य कभी फुरसत में खुद से मिलूंगा, लोगों से सुना है बहुत बुरा हूं मैं…। फिलहाल बात

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    #बतकहीबाज : Oh sorry! मैं जरा सा लड़खड़ाया तो गूंगे बुराई करने लगे

    Vinay Kumar Pandey व्यंग्य Title फूलों का तारों का, सबका कहना है। Film हरे रामा हरे कृष्णा। Music Director राहुलदेव बर्मन।

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    #बतकहीबाज : Satellite! खुसरो से लगायत इसरो तक का सफर

    Vinay Kumar Pandey व्यंग्य ज्ञानियों की कमी नहीं। आप खोजें चाहे न खोजें, बहुतेरे संख्या में टहलते हुए ज्ञानी आसानी

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    #बतकहीबाज : Character! रावण ने ठहाके वाली हंसी के बाद पूछा कैसे हो वत्स?

    Vinay Kumar Pandey व्यंग्य मित्र समान मेरे एक छोटे भाई माजारिया Writer हैं। हर मसले पर लिख डालते हैं। माजरा

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    #बतकहीबाज : Busy person! गधा भी शान से झूमता है, वक्त का पहिया जब उसके पक्ष में घूमता है

    Vinay Kumar Pandey व्यंग्य कहीं पढ़ा था, कुछ लोगों पर बिल्कुल सटीक… नहीं कुछ लोगों पर नहीं, यहां बिल्कुल सटीक

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