• #Flood : वाराणसी में छत पर हुई विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती, जानिए इससे पहले कितनी बार परिवर्तित किया गया है आरती स्थल

    वाराणसी। तेजी से बढ़ते हुए जलस्तर को देखते हुए रविवार को एक बार फिर दशाश्वमेध घाट पर होने वाली दैनिक गंगा आरती की जगह में तब्दीली की गई।

    इससे पहले चार बार गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आरती का जगह परिवर्तित किया जा चुका है। रविवार को गंगा आरती के वक्त बारिश होने की वजह से खासी परेशानी हुई।

    तटवर्ती इलाकों में रहने वालों की बढ़ी बेचैनी

    तेज बढ़ाव के चलते गंगा डराने लगी हैं। घाटों से लेकर तटवर्ती इलाकों में अफरा-तफरी मची है। जिस रफ्तार से गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, उससे आने वाले दिन तटवर्ती आबादी वाले इलाकों के लिए खतरनाक साबित होने वाले हैं। प्रशासन ने बाढ़ राहत के लिए कमर कस ली है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक बैराजों से काफी पानी छोड़े जाने से बीते दो दिनों में गंगा का जलस्‍तर लगातार बढ़ रहा है।

    केदारघाट पर भी बदला आरती स्थल

    सभी घाटों के आपसी संपर्क मार्ग पूरी तरह बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। अब एक से दूसरे घाटों पर जाने के लिए गलियों का रास्‍ता पकड़ना पड़ रहा है। दशाश्‍वमेध के साथ केदारघाट पर आरती स्‍थल में परिवर्तन किया गया है। गंगा के उफान पर होने के नाते वरुणा भी पलट प्रवाह पर हैं। वरुणा के किनारे रहने वालों की धुकधुकी बढ़ गई है। तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों ने घरों से अपना सामान हटाना शुरू कर दिया है।

    पहले भी बदला है आरती स्थल

    दशाश्वमेध घाट पर गंगोत्री सेवा समिति द्वारा रोज होने वाली विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती रविवार को छत पर कराई गई। गंगोत्री सेवा समिति के अध्यक्ष पंडित किशोरी रमण दुबे ‘बाबू महाराज’ ने बताया कि गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण आरती छत पर कराने का फैसला लिया गया।

    गंगोत्री सेवा समिति के सचिव पंडित दिनेश शंकर दुबे ने बताया कि इससे पहले भी बाढ़ के दरमियान गंगा आरती का स्थान परिवर्तित किया जा चुका है। जानकारी देते हुए पंडित मनीष दुबे ने बताया कि गंगा के जलस्तर में अगर इसी तरह से बढ़ाव होता रहा तो संभव है कि पुनः आरती स्थल बदलना पड़े।

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