• डाकघर गबन प्रकरण : सूचना प्रसारण मंत्रालय के रिपोर्ट मांगने के बाद दस्तावेज तैयार करने में लगा विभाग, तीन करोड़ रुपये पहुंची घोटाले की राशि

    आरोपियों की अब तक नहीं हुई गिरफ्तारी

    वाराणसी। प्रधान डाकघर (कैंट) में खताधारों के खातों से गायब हुए रुपये का आंकड़ा तीन करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। बीते 28 अगस्त से खातों से पैसे गायब होने का मामला उजागर हुआ। हालांकि गबन किये गए रुपये की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। डाक निरीक्षक अभी भी जांच कर रहे हैं। सोमवार को जमाकर्ताओं की भीड़ काउंटर पर रही। जमाकर्ताओं को सबसे अधिक चिंता इस बात की है कि आखिर उनका पैसा कब मिलेगा और कैसे मिलेगा।

    कब तक डाक विभाग और पुलिस विभाग की जांच पूरी होगी। कब क्लेम फार्म भरा जाएगा। वहीं पुलिस भी अभी तक पांच लोगों के खिलाफ दर्ज मुकादमा में किसी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पांच लोगों में से चार डाककर्मी हैं। डाक विभाग के 12 डाक निरीक्षक लगातार खातों की जांच कर रहे हैं। उम्मीद है कि वह अपनी रिपोर्ट मंगलवार शाम तक पोस्ट मास्टर जनरल को सौंप देंगे।

    सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट

    वहीं करोड़ों रुपये के गबन के मामले में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने डाक विभाग से रिपोर्ट मांगी है। मंत्रालय ने इसके हर बिंदुओं से अवगत कराने को कहा है। डाक विभाग दस्तावेज को तैयार करने में लगा है। विभागीय स्तर पर इसकी जांच चल रही है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद ने वाराणसी डाक परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल (पीएमजी) प्रणव कुमार से खातों से कैसे रुपये गायब हुए और विभाग की कहां लापरवाही हुई है? आदि बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

    सीबीआई को सौंपा जा सकता है जांच

    कैंट प्रधान डाकघर में खातों से गबन मामले को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एवं सीबीआई को सौंपा जा सकता है। विभाग के आला अधिकारियों ने इसका संकेत भी दिया है।

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