• #बतकहीबाज : Market! पकड़ने के बाद लगना भी चाहिए की सही पकड़े हैं

    Vinay Kumar Pandey
    व्यंग्य

    वही Businessman सफलता की सीढ़ी चढ़ता है जो Customer की नब्ज और जेब पकड़ना जानता हो। केवल पकड़ना जरूरी नहीं होता, पकड़ने के बाद Customer को लगना भी चाहिए की सही पकड़े हैं। इंसान शुरुआती दौर से ही नयापन और कुछ अलग ढूंढता आया है। मकसद साफ है, बोरियत उस बिन बुलाए Guest की तरह होती है जो घर आने पर मना करते-करते भी चाय और खून पीकर जाती है। नयापन और कुछ अलग दिखने की चाहत विशिष्ट हो जाने की उस भूख से उपजता है जो केवल अहम की संतुष्टिरूपी डकार से तृप्त होती है।

    नयेपन की ललक

    नयेपन की ललक से नए Markets और Businessmen को अवसर मिलता है। हर Market मांग और पूर्ति के सनातन नियम से संचालित होता है। Political market भी इससे अलग नहीं है। Political market में चाहे कितनी भी वादाखिलाफी क्यों न हो फिर भी वो इस नियम का Honesty से पालन और पोषण करते हुए अपना मुख्य काम शोषण जारी रखता है। आप पर कोई Corruption का आरोप लगाए उससे पहले ही आप सबको Corrupt घोषित कर खुद को Honesty का एकमात्र मसीहा घोषित कर दें। इससे न तो आप की Honesty साबित होती है और न ही दूसरे की Dishonesty। हां, इत्ता जरूर होता है कि Time pass अच्छा हो जाता है।

    घबराएं नहीं

    दूसरों को Corrupt घोषित करने का सबसे बड़ा फायदा ये है कि कई समस्याओं के बावजूद आपका मिजाज Fresh रहता है। कोई दुर्भावना से आप पर Corruption का आरोप लगा भी दे तो घबराएं नहीं। अपने लोगों से बयान देने को कहें। घोषणा करा दें, आपको खरीदने वाला अभी कोई पैदा ही नहीं हुआ। ऐसा करके आप न केवल आरोपों का खंडन करेंगे बल्कि अप्रत्यक्ष तरीके से खरीददारों को ललकार कर उनका मन भी टटोल लेंगे। माजरा समझिए, दौड़ते वक्त के साथ तब्दीली जरूरी है। कभी गौर करिएगा, Whatsapp message भी लोग तभी Forward करते हैं जब तक उन्हें ‘नया है’ कहकर बरगलाया जाता है। पल्ले पड़ा?

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