Varanasi धर्म-कर्म 

@aajexpressdgtl : शुद्ध गंगा माटी से तैयार गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमा की नेपाल तक डिमांड

पांच पीढ़ियों से काशी का प्रजापति परिवार बना रहा है मूर्ति

Varanasi : दीपोत्सव के पर्व दीपावली को लेकर घरों से लेकर प्रतिष्ठानों तक साफ-सफाई के साथ गणेश-लक्ष्मी के पूजन की तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं। घरों में धनतेरस पर्व से गणेश-लक्ष्मी की पूजन होता है। बाजार भी गुलजार हो चुके हैं। एक से बढ़कर एक फैंसी-फैंसी गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाएं बाजारों में मौजूद हैं। बावजूद इसके काशी में बनने वाली गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों की आज भी मांग है। पांडेय हवेली निवासी प्रजापति परिवार पिछले पांच पीढ़ियों से लक्ष्मी गणेश की मूर्तियों को तैयार कर रहा है। इन मूर्तियों की खास बात ये है कि ये प्रतिमा गंगा के शुद्ध माटी से तैयार की जाती है।

इस खास लक्ष्मी गणेश के प्रतिमा की डिमांड भारत से लेकर नेपाल तक है। डिमांड को देखते हुए प्रजापति परिवार दीपावली के नौ महीने पहले से ही इस काम मे जुट जाते हैं। घर के बड़े से लेकर छोटे बच्चों तक सबकी अपनी जिम्मेदारी है जो अपने काम को बखूब ही निभाता है। मुखिया सोमनाथ प्रजापति बताते हैं कि जनवरी के महीनें से मूर्तियों को बनाने का काम शुरू होता है। जुलाई के महीनें से इन्हें अंतिम रूप दिया जाता है। दीपावली के दो महीनें पहले से ही पूर्वांचल सहित नेपाल तक इनकी डिलीवरी कराई जाती है।

26 रुपये से 2600 तक कीमत

प्रतिवर्ष ये परिवार लक्ष्मी गणेश के लाखों मूर्तियों को तैयार करता है। परिवार के सदस्य नंदू प्रजापति ने बताया कि मूर्तियों की कीमत 26 रुपये जोड़े से लेकर 26 सौ रुपये जोड़े तक होती है। छोटी से बड़ी हर साइज में मूर्ति तैयार की जाती है।

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