Health Varanasi 

@aajexpressdgtl : लोग उम्मीद पर फेर रहे पानी, लापरवाही पड़ न जाए भारी

सरकार और जिला प्रशासन की गुजारिश दरकिनार

जागरूकता अभियानों का नहीं पड़ा कोई असर

Sanjay Singh

Varanasi : वैश्विक महामारी कोरोना से जंग जीतने के लिए विभिन्न चरणों में लॉकडाउन लागू किया गया। तमाम जागरूकता अभियान चलाए गए। उम्मीद थी, तालाबंदी के सहारे वैश्विक महामारी से जंग हम जीत लेंगे। गुजरते वक्त के साथ उम्मीद टूटती जा रही है। याद होगा, चार चरणों के लागू किए गए तालाबंदी के बाद सेंट्रल और स्टेट गवर्नमेंट के निर्देश पर जिला प्रशासन ने कुछ शर्तों के साथ बाजारों को खोलने की अनुमति दी। लॉकडाउन 4.0 के अंतिम फेज में उत्तर प्रदेश के बाहर फंसे लोगों को वापस आने की अनुमति दी गई। अपने लोगों को वापस लाने के लिए सरकार ने दमदार तरीके से मेहनत किया। बाहर से आने वाले लोगों के साथ चुनौतियां भी बढ़ती गईं।

बनारस के हालात

बात करें बनारस की तो 12 जून (शुक्रवार) को तकरीबन डेढ़ दर्जन कोरोना संक्रमित मरीज मिले थे। शहर में जानकी नगर, बटुआ पुरा, मोतीझील, नाथूपुर, दानगंज सहित कुल दस संक्रमित एरिया सील किए गए। शुक्रवार को जिले में 137 संक्रमित एरिया सील किए हए थे। इनमें 68 संक्रमित एरिया ग्रीन जोन में आ चुके थे। एक्टिव हॉटस्पाट की संख्या 69 थी। 50 रेडजोन में और 19 ऑरेंज जोन में थे।

रोज बढ़ रहा संक्रमित एरिया का दायरा

तालाबंदी खोलने के पहले फेज में लोगों को सशर्त रियायतें दी गईं। लोगों ने इस रियायत को बंपर छूट मान लिया। खरीददारी करने के लिए निकले लोग बेपरवाही करने लगे। शारीरिक दूरी की धज्जियां उड़ने लगीं। सरकार सहित जिला प्रशासन की गुजारिश नजरअंदाज कर दुकानदार सामान बेचते दिख जाएंगे। खरीददार लापरवाही करते बाजार में दिखेंगे। वह भी ऐसा तब हो रहा है जब जिले में हर रोज संक्रमित एरिया की सीमा बढ़ती जा रही है।

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