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@aajexpressdgtl : नवरात्र में लें संकल्प, बेटियों की हर हाल में करेंगे सुरक्षा, आधी आबादी सुरक्षित तभी समाज सुरक्षित

Varanasi : यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता’ अर्थात जहां नारी की पूजा होती है वहां उसे मान सम्मान दिया जाता है, वहां देवता वास करते हैं। शास्त्रों में कही गई यह बात अब अप्रासंगिक सी होती दिखने लगी हैं। नवरात्र पर हम देवी मां के नौ स्वरूपों की आराधना करते हैं। जब बेटियों और महिलाओं की रक्षा की बात आती है, तब हम खामोशी ओढ़ लेते हैं। ऐसे में कदम-कदम पर शोषण व उत्पीड़न की शिकार बेटियां इस कदर खौफजदा हैं कि उनके मन में यह भाव उठना स्वाभाविक ही है कि ‘अगले जन्म मोहे बिटिया न कीजो’। बिटिया के मन में इस तरह के विचार न उठें, इसके लिए आइए इस शारदीय नवरात्र पर हम संकल्प लें कि देवी स्वरूप कन्याओं की हर हाल में रक्षा करेंगे। घरों में लोग समृद्धि के लिए लक्ष्मी पूजन करते हैं। वहीं, महिलाओं का तिरस्कार करते है, जिससे ऐसे घरों में हमेशा दरिद्रता व अशांति बनी रहती है।

नारी सम्मान की रक्षा करें

टीवी एक्ट्रेस और मिस इंडिया मोस्ट पापुलर फेस 2018 की विजेता रचना सिंह कहती हैं कि नवरात्र के नव दिन देवी की पूजा होती है। लेकिन सवाल यह है कि 9 दिन के अलावा उन्हें उतना सम्मान क्यों नहीं दिया जाता। कहा कि, इस नवरात्र नारी सम्मान और रक्षा की प्रतिज्ञा लें। साफ, सुंदर और एक सुरक्षित समाज की रचना करें। दशहरा विजय का पर्व मना जाता है। इस विजय दशमी पर हम संकल्प लें कि पाप के साथ समाज से पापियों का अंत करना होगा।

छेड़छाड़, बलात्कार और घरेलू महिला हिंसा

इंटरनेशनल किक बॉक्सिंग खिलाड़ी सुधीर सक्सेना की पत्नी और मिशन शक्ति सेना दिल्ली की प्रभारी प्रियंका गौतम कहती है कि महिला हिंसा व उत्पीड़न रोकने के लिए कानून तो बना, लेकिन उसका क्रियान्वयन ठीक ढंग से नहीं हो रहा है। कानून को पूरी तरह से लागू न किए जाने से लोगों में इसका भय नहीं है और रोजाना छेड़छाड़, बलात्कार व घरेलू महिला हिंसा की घटनाएं हो रही है। मिशन शक्ति के तहत अब महिलाओं और युवतियों को सुरक्षा के लिए जागरूक किया जा रहा। हमें संकल्प लेना चाहिए कि ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए खुद में सुधार लाने की जरूरत है।

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