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Agnipath Scheme Protest Update : Varanasi में युवकों का विरोध, बसों के शीशे तोड़े, फोर्स ने संभाली स्थिति

Varanasi : सेना में भर्ती को लेकर बदले प्रारूप अग्निपथ योजना का विरोध वाराणसी सहित आसपास के जिलों में भी शुरू गया है। शुक्रवार सुबह पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों से कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे युवाओं ने स्टेशन परिसर के बाहर हाथ में तख्तियां लेकर अग्निपथ योजना का विरोध जताया। रोडवेज पर पहुंची युवाओं की भीड़ ने हंगामा और नारेबाजी की। चौकाघाट, रोडवेज और इंग्लिशिया लाइन में वाहनों पर पत्थरबाजी भी किया गया है। रोडवेज बसों में तोड़फोड़ की गई। कैंट स्टेशन परिसर के आसपास अफरीतफरी की स्थिति थी। लहरतारा में जाम लग गया है। जगह-जगह फोर्स तैनात है। सेना भर्ती कार्यालय की ओर जाने वाले रास्ते को सील कर दिया है। जिले की सीमाओं पर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।

सोशल मीडिया पर सेना भर्ती के अग्निपथ योजना पर चल रही भ्रामक सूचनाओं और कई शहरों में हो रहे प्रदर्शन को देखते हुए वाराणसी प्रशासन और पुलिस अलर्ट है। गुरुवार देर रात मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल की अध्यक्षता में प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों में समन्वय बैठक हुई। इसमें अवांछनीय तत्वों के साथ ही सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाए जाने की रणनीति बनाई गई। बैठक के बाद प्रशासन और पुलिस की ओर से संयुक्त अपील जारी की गई।

प्रशासन ने युवाओं और उनके अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि सोशल मीडिया सहित अन्य श्रोतों से जो भ्रामक सूचनायें भारत सरकार द्वारा घोषित अग्निवीरो की भर्ती के संबंध में प्रचारित प्रसारित की जा रही हैं, उसके आधार पर दिग्भ्रमित न हों। यह स्पष्ट किया जाता है अग्निपथ योजना पूर्व में हुई भर्ती संबंधी परीक्षाओं पर लागू नहीं है। भविष्य में सेना में भर्ती के इच्छुक युवाओं के संदर्भ में अग्निपथ योजना के अनुसार अग्निवीरों के भर्ती प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री ने ट्वीट के माध्यम से स्थिति को पूर्णत: स्पष्ट कर दिया गया है। अभिभावकों और भूतपूर्व सैनिकों से अपील है कि वे अपने परिवार व आसपास के नवयुवकों को इस योजना के संदर्भ में आयोजित किसी ही प्रकार विरोध प्रदर्शन आदि में सम्मिलित होने से रोकें। यदि किसी को लोकतांत्रिक ढंग से अपनी बात रखनी हो तो वे ज्ञापन के माध्यम से अपनी भावना व्यक्त कर सकते हैं।

जिला प्रशासन उनके ज्ञापन को संबंधित प्राधिकारी तक यथाशीघ्र पहुंचाएगा। जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक वाराणसी द्वारा सभी ग्रामीण अधिकारियों को गांव में ही पहुंच कर ऐसे सभी ज्ञापन लेने के निर्देश दिए गए हैं। मंडलायुक्त वाराणसी और पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी रेंज द्वारा भी मंडल के सभी जनपदों में गांव में ही ज्ञापन लेने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि इसी प्रकार के मैसेज पिछले शुक्रवार को सभी बाजार और दुकानें बंद रखने के बारे में भी प्रचारित किये गए थे। इस प्रकार के किसी मैसेज के बहकावे में न आएं। पिछले दो शुक्रवार से प्रदेश के कुछ शहरों में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी है, जिससे पूरे प्रदेश में संवेदनशीलता बनी हुई है। वाराणसी में सभी निवासीगण के भाई चारे और सूझबूझ से वातावरण शांतिपूर्ण है मगर, शहर में बाहर के लोगों के आने से शुक्रवार को कोई भी इसे गलत रूप दे कर वातावरण खराब करने की कोशिश कर सकता है।

उधर, कैंट रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह युवाओं ने सेना भर्ती की नई योजना के खिलाफ हाथों में बैनर लिये विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे छात्रों ने बस और कार की कांच भी तोड़ दी। पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को भी उपद्रवी छात्रों ने बीच रास्ते में गिरा दिया। काफी समझाने के बाद उपद्रव बढ़ता देख पुलिस ने छात्रों को खदेड़ना शुरु किया तो सभी भाग निकले।

कैंट स्टेशन पर सैकड़ों की संख्या में पहुंचे छात्रों ने जमकर उपद्रव किया। सैन्य भर्ती योजना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने जमकर सरकार विरोधी नारे लगाए। मुंह पर कपड़ा बांधे स्टेशन पर पहुंचे छात्रों को पहले तो पुलिस ने काफी समझाने की कोशिश की पर उपद्रवी नहीं माने। कैंट रेलवे स्टेशन के बाहर रोडवेज की बसों और ठेले आदि को तोड़ दिया। पुलिस ने छह उपद्रवियों को हिरसात में लिया है।

पुलिस के खदेड़ने पर उपद्रवी महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ रोड की तरफ बढ़ गए और रास्ते में ईंठ-पत्थर चलाने लगे, तो पब्लिक भी उपद्रवियों को भगाने के लिए आ गई। उपद्रवियों ने कूड़ा गाड़ी को भी पलट दिया और सड़क पर खड़ी ऑटो की कांच भी तोड़ दी। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जीआरपी और आरपीएफ के अलावा तीन थानों की फोर्स और पीएसी मौके पर तैनात कर दी गई है।

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