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कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को दी जानकारी : दलहन में उड़द, मूंग और अरहर की खेती के बारे में बताया, बोले- रोपाई से पहले मिट्टी की जांच करा लें

Ghazipur : कृषि विज्ञान केंद्र अंकुशपुर गाजीपुर के प्रशिक्षण केंद्र में कृषि वैज्ञानिकों की ओर से किसानों को अरहर की बुआई के लिए नए तकनीकों का प्रयोग की जानकारी दी गई। किसानों को अरहर के उन्नत प्रजाति के बारे में भी बताया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने कहा कि अच्छी तकनीक से खेती करने पर अरहर की फसल का अच्छा उत्पादन लिया जा सकता है।

प्रशिक्षण में लगभग ढाई दर्जन महिलाए और कृषक नवयुवक-युवतियों ने प्रतिभाग किया। अध्यक्षता कर रहे डाक्टर जीपी सिंह ने किसानों को दलहन में उड़द, मूंग और अरहर की खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अरहर की कम अवधि वाली फसलों पर विशेष ध्यान देने और स्वस्थ बीज बोआई के बारे में बताया।

वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र प्रताप ने किसानों को अरहर की नई प्रजातियों के अलावा उड़द मूंग की नई प्रजातियों की जानकारी दी। उद्यान वैज्ञानिक डॉ. शशांक कुमार सिंह ने दलहन का महत्व और दलहन के साथ लगाई जाने वाली सब्जी वाले फसलों के बारे में बताया। वरिष्ठ वैज्ञानिक और अध्यक्ष डाक्टर जेपी सिंह ने धान की नर्सरी तैयार करना खाद और उर्वरक प्रबंधन सिचाई व जल निकास प्रबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

कहा, किसान धान की नर्सरी मई के अंतिम सप्ताह से जून के प्रथम सप्ताह तक डाल सकते हैं। मृदा वैज्ञानिक डाक्टर अविनाश कुमार राय ने बताया रोपाई से पूर्व मिट्टी का नमूना लेकर किसान उसकी जांच अवश्य करा लें, जिससे भूमि में फसल की आवश्यकतानुसार खाद एवं उर्वरकों का संतुलित मात्रा में प्रयोग किया जा सके।

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