Varanasi 

तीन से पांच सौ करोड़ सूक्ष्म जीवाणुओं की उपलब्धता : गाय के गोबर में मौजूद सूक्ष्म जीव सुधारेंगे माटी की सेहत

Varanasi : देशी गाय के गोबर में मौजूद करोड़ों सूक्ष्म जीवाणुओं से अब माटी की सेहत सुधारने में सहायक होगें, इतना ही नहीं बल्कि खेतों मे इन सूक्ष्म जीवों की क्रियाशीलता से उत्पादन भी बढ़ेगा। उक्त बातें मास्टर ट्रेनर देवमणि त्रिपाठी ने चौबेपुर क्षेत्र के रामपुर व श्रीकंठपुर गांव में शनिवार को आयोजित जैविक खेती प्रशिक्षण मे उपस्थित किसानों के बीच कहीं।

उन्होंने कहा कि देशी गाय के एक ग्राम गोबर में तीन सौ से पांच सौ करोड़ सूक्ष्म जीव व पाये जाते हैं जो मिट्टी मेम अनुकूल परिस्थिति तंत्र का निर्माण कर पौधों की सभी पोषक तत्व उपलब्ध कराने का कार्य करते हैं। जीवामृत के रूप मे इसका प्रयोग करते खेतों मे सूक्ष्म जीवों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है जिससे मिट्टी में जीवांश कार्बन की मात्रा मे भी बृद्धि होती है।

नमामि गंगे योजना के प्रोजेक्ट हेड स्वामी शरण कुशवाहा ने कहा कि जैविक खेती मे देशी गाय के गोबर, गोमूत्र, गुण, बेसन, पानी व विभिन्न पेड़-पौधों की पत्तियों का उपयोग कर बीजामृत, जीवामृत घनजीवामृत, दशपर्णी अर्क व नीमास्त्र बनाकर प्रयोग किया जाता है।

उप कृषि निदेशक अखिलेश कुमार सिंह के आदेशानुसार नमामि गंगे योजना अन्तर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कृषि विभाग व इश एग्रीटेक के संयुक्त तत्वावधान मे किया गया। इस दौरान अभिषेक पाण्डेय, बिजेंद्र सिंह जंगा, जगदीश, मनोज कुमार, संदीप आदि मौजूद थे। 

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