Crime Politics 

Bihar : भ्रष्टाचार के आरोपी को नीतीश कुमार ने बनाया शिक्षा मंत्री

भागलपुर एडीजे अदालत में आज भी है मामला लम्बित

कुलपति रहने के दौरान नियुक्ति और भवन निर्माण में हैं धांधली के आरोप

Ajit Mishra

Patna : इसे कहते हैं सिर मुड़ाते हीं ओले पड़ना।बिहार के नवगठित एनडीए मन्त्रिमण्डल में जेडीयू कोटे जिस विधायक मेवालाल चौधरी को शिक्षा मंत्री बनाया गया है उनपर कुलपति रहने के दौरान भ्रष्टाचार के कई गम्भीर आरोप लगे हैं।खबरों के अनुसार जदयू ने अपने कोटे से नियुक्त शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी के सबौर कृषि विश्वविद्यालय में कुलपति रहने के दौरान सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति में भ्रष्टाचार के कई गम्भीर आरोप हैं।इन मामलों में मेवालाल पर बकायदा एफआईआर भी दर्ज है।बताते हैं कि असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में धांधली का मामला भागलपुर के एडीजे-1 की अदालत में आज भी लंबित है। इन आरोपों के कारण मेवालाल को मंत्री बनाए जाने पर विवाद भी खड़ा हो गया है।इस कारण आनेवाले दिनों में विपक्ष के सरकार पर हमलावर होने के लिये एक बड़ा मुद्दा मिलने जा रहा है। इस बारे में जब पत्रकार मेवालाल से बात करने की कोशिश किये तो वह पत्रकारों से बचने का प्रयास करते नजर आये।बताते हैं कि जेडीयू नेता मेवालाल चौधरी के सबौर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति रहते सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति में भ्रष्टाचार का मामला सामन आया था।

इस मामले में इन पर एफआईआर भी दर्ज हुई थी और उस समय पार्टी ने इन्हें निलंबित भी कर दिया था।मेवा लाल 2010-15 के बीच सबौर कृषि विवि में वाइस चांसलर थे।उनपर पर जूनियर वैज्ञानिक की बहाली में धांधली और भवन निर्माण में घपला करने के भी आरोप हैं। हंगामें के बाद निगरानी ब्यूरो ने इस मामले की जांच भी की थी।बताते हैं कि मेवालाल चौधरी पर स्पेशल विजिलेंस ने 2017 में केस दर्ज किया था और भागलपुर के सबौर थाने में भी 2017 में केस दर्ज हुआ था।गम्भीर बात तो यह है कि जेडीयू विधायक मेवालाल चौधरी के खिलाफ आज भी आईपीसी की धारा 409, 420, 46,7 468, 471 और 120 बी के तहत भ्रष्टाचार के मुकदमा दर्ज हैं।इनके खिलाफ अभी भागलपुर के एडीजे-1 की अदालत में मामला लंबित है।भ्रष्टाचार के आरोपी मेवालाल को पहली बार कैबिनेट में स्थान मिला है।लेकिन उनपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण लगता है कि विधानसभा सत्र के पहले दिन हीं विपक्ष को सरकार पर हमलावर होने का बैठे बिठाये एक गम्भीर मुद्दा मिल गया है।

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