Politics 

Bihar : सुशील मोदी का दावा गांवों में सबको दिया गया साबुन-मास्क

लेकिन जनता और मुखिया को कुछ नहीं पता!

Ajit Mishra

पटना। बिहार की विडम्बना है कि यहाँ लोक और तंत्र कभी साथ-साथ नहीं चलता।लोक भी बराबर तंत्र पर अनदेखी का आरोप लगाता रहता है और तंत्र कहता है सिर्फ हमारी सुनें क्योकि हम सरकार हैं इसलिए सिर्फ हम हीं सच बोलते हैं।इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि 4 फेज के लॉकडाउन के बाद अनलॉकडाउन-1 में बाजार, दुकान,परिवहन आदि को खोल दिया गया है,लेकिन इस समय पहले से ज्यादा एहतियात व सतर्कतता बरतने की जरूरत होगी। राज्य सरकार ने घर से बाहर निकलने, सार्वजनिक स्थानों व परिवहन आदि के दौरान मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। हालांकि यह अलग बात है कि वित्त मंत्री के निर्देशों या यूं कहें कि सलाह का असर सड़कों पर कहीं नहीं दिख रहा । अब पुलिस भी लग रहा है कि लोगों को टोका टाकी करते-करते थक चुकी है।इसलिये अब वह कई जगह मोबाइल पर गेम खेलते दिख जा रही है।


दूसरी ओर सुशील मोदी यह दावा करते हैं कि पंचम राज्य वित्त आयोग की ओर से प्रावधानित 160 करोड़ रुपए की राशि से राज्य में सभी ग्रामीण परिवारों को एक-एक साबुन व 4 मास्क उपलब्ध कराए गये हैं।हालांकि अधिकांश गांवों में करीब 20 दिन पहले निर्गत आदेश के बावजूद अब तक सभी ग्रामीण परिवारों को साबुन व मास्क उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। बताया जा रहा है कि राज्य के अधिकांश मुखिया भी ऐसी किसी राशि आने से इनकार कर रहे हैं । मोदी ने सभी पंचायतों के मुखिया से अपील करते हुए कहा कि प्रदत राशि का सदुपयोग करते हुए प्रत्येक ग्रामीण परिवार के लिए अधिकतम 20-20 रुपए कीमत की एक साबुन व 4 मास्क अधिकतम 100 रु. खर्च कर वितरण वार्ड सदस्यों के माध्यम से सुनिश्चित करें और इसका पंजी भी संधारित कराएं। इस वक्तब्य पर व्यंग करते हुए केसठ पंचायत के निवासी सन्तोष कुमार मिश्र ने कहा कि कोरोना महामारी के प्रकोप के साथ लगभग दो माह बीत जाने के बाद कागजी तौर पर हीं सही राज्य वासियों को देने के लिये साबुन और मास्क देने की बात कर सुशील मोदी ने बड़ा एहसान किया है।इसके लिए जनता को उनके प्रति आभार ब्यक्त करना चाहिए।

हवा-हवाई निर्देशों के बावजूद वित्तमंत्री ने आगे कहा है कि मास्क की खरीद के लिए जीविका समूह व खादी भंडार को प्राथमिकता दें और यदि पर्याप्त संख्या में मास्क उपलब्ध नहीं हो तो स्थानीय स्तर पर सूती कपड़े का मास्क तैयार करायें । सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर दंड का प्रावधान है,इसके लिए सभी को जागरूक करें। मोदी ने कहा कि ब्लॉक क्वरंटाइन सेंटरों में 12.71 लाख लोगों ने निबंधन कराया है जिसमें से 8 लाख लोग डिस्चार्ज किए जा चुके हैं । इन सभी लोगों के लिए मास्क पहनना और ज्यादा जरूरी है । जिनके पास अभी मास्क उपलब्ध नहीं है वे गमछा, रूमाल व तौलिया आदि से अपना मुंह ढकें.मतलब साफ है कि पंचायत स्तर तक भले हीं पैसा नहीं पहुंचा हो लेकिन जनता के निगाह में उसे यथोचित खपाने का इंतजाम हो चुका है।

You cannot copy content of this page