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02 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि : मां का घोड़े पर आगमन, राशियों के हिसाब से जाने कैसे करनी है पूजा

Pandit Loknath Shastri

इस साल चैत्र नवरात्रि 2 अप्रैल से प्रारंभ होगी और 10 अप्रैल तक चलेगी। 

अलग-अलग क्षेत्रों के अनुसार इस दौरान अलग-अलग मान्यताएं और अनुष्ठान किए जाते हैं। बहुत से लोग चैत्र नवरात्रि के दौरान अखंड ज्योत जलाते हैं, तोरण या बंदरबन रखकर पूजा करते हैं, पूरे 9 दिन उपवास करते हैं, और कलश स्थापना से इस दिन की पूजा प्रारंभ करते हैं।

घटस्थापना मुहूर्त

05:49:11 से 08:29:43 तक।

अवधि :2 घंटे 40 मिनट।

मां दुर्गा के आगमन की सवारी और प्रस्थान महत्व

दिन के आधार पर इस साल मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर पृथ्वी पर आएंगी। घोड़े को युद्ध का प्रतीक माना जाता है। इस नवरात्रि मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं और भैंसे पर सवार होकर प्रस्थान करेंगी। इन दोनों ही वाहनों को अच्छा नहीं माना गया है। 

मिलेगा मां का आशीर्वाद और समृद्धि का वरदान

मेष राशि: मां दुर्गा को लाल रंग के फूल और चुनरी चढ़ाएं। 

वृषभ राशि: दुर्गा सप्तशती का पाठ अवश्य करें। 

मिथुन राशि: महिलाओं को हरे रंग के फल और उपहार की वस्तुएं दान करें। 

कर्क राशि: अपने घर में मां दुर्गा की चौकी और कलश अवश्य रखें और पूजा करें। 

सिंह राशि: अपने कार्यस्थल पर माँ दुर्गा की मूर्ति स्थापित करें और उनकी पूजा करें। 

कन्या राशि: ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडये विच्चे’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। 

तुला राशि: पूरे 9 दिनों तक मां दुर्गा को सफेद रंग की मिठाई अर्पित करें। 

वृश्चिक राशि: 108 बार ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडाये विच्छे’ मंत्र का जप करते हुए हवन सामग्री की आहुति दें। 

धनु राशि: 9 दिनों तक रोजाना महिषासुरमर्दिनि का पाठ करें। 

मकर राशि: गरीब लोगों को सूखे मेवे का प्रसाद दान करें। 

कुंभ राशि: अपने मंदिर के अग्नि कोण में एक अखंड दीपक अवश्य जलाएं। (इस बात का विशेष ध्यान रखें कि यह अखंड दीप पूरे चैत्र नवरात्रि तक जलना चाहिए।) 

मीन राशि: रोजाना महिलाओं को फल का दान करें।

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