Health Varanasi 

हौसले की मिसाल बनीं CHO : HWC पर पहले खुद का कराया प्रसव फिर दूसरों को किया प्रेरित, मातृत्व अवकाश लिये बगैर जारी रखा अभियान

Varanasi : कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है कम्यूनिटी हेल्थ आफिसर (सीएचओ) अंजनी भारती ने। आदर्श ब्लाक सेवापुरी के करघना प्रथम हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की सीएचओ अंजनी ने गर्भवतियों में भरोसा जगाने के लिए खुद का प्रसव तो अपने सेंटर पर कराया ही मातृत्व अवकाश लिये बगैर वह सुरक्षित प्रसव कराने के अभियान में जुटी रहीं। नतीजा हुआ कि मात्र डेढ़ वर्ष के भीतर वह अपने सेंटर पर दो सौ सुरक्षित प्रसव कराकर हौसले व कर्तव्य परायणता की एक मिसाल बन गईं।

केंद्रीय दल और प्रमुख सचिव ने सराहा

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संदीप चौधरी ने बताया कि सीएचओ अंजनी भारती के उत्कृष्ठ कार्यो की हर ओर सराहना हो रही है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा गठित ज्वांइट सपोर्टिव सुपरविजन व मॉनिटरिंग टीम ने गत दिनों वाराणसी का दौरा किया था। इस दल ने अंजनी भारती के कार्यो की सराहना करते हुए इससे सम्बन्धित रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भी दी। सीएमओ ने बताया कि शुक्रवार को लखनऊ के एनेक्सी भवन में आयोजित बैठक में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य व परिवार कल्याण ने अंजनी भारती के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें प्रशस्तिपत्र देने की घोषणा की है। साथ ही कहा है कि वह अपने नेतृत्व में जिले में और भी ऐसे कार्य करायें जिससे अंजनी भारती जैसी प्रतिभायें अपनी बेहतरीन क्षमता का प्रदर्शन कर सकें।

इस तरह बढ़े सफलता के कदम

करघना प्रथम के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के सीएचओ के रूप में अंजनी भारती ने फरवरी 21 में पदभार संभाला। उन दिनों इस सेंटर पर प्रसव काफी कम होते थे। क्षेत्र की गर्भवती प्रसव के लिए दूसरे अस्पतालों का सहारा लेती थी। पदभार संभालने के साथ ही अंजनी भारती ने अपने कार्यों को करते हुए आशा कार्यकर्ताओे की मदद से क्षेत्र के गांवों में गर्भवतियों को अपने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर प्रसव के लिए प्रेरित किया। नतीजा हुआ कि वहां प्रसव की संख्या बढ़ गयी। इसी दौरान अंजनी भारती खुद गर्भवती हो गयीं। वह पहली बार मां बनने जा रही थीं। उन्होंने फैसला लिया कि वह अपना प्रसव भी अपने वेलनेस सेंटर पर ही करायेंगी। एक अप्रैल 2022 को अंजनी ने अपने ही वेलनेश सेंटर पर बेटी को जन्म दिया। अंजनी भारती बताती हैं कि उनका सुरक्षित प्रसव कराने में एएनएम सुप्रिया, आशा कार्यकर्ता उर्मिला व दाई कमला ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।

नहीं लिया मातृत्व अवकाश

ब्लाक प्रोग्राम मैनेजर अनुप कुमार मिश्र बताते हैं कि प्रसव के बाद अंजनी भारती ने छह माह का मिलने वाला मातृत्व अवकाश भी नहीं लिया। तीन दिनों बाद ही उन्होंने अपनी ड्यूटी शुरू कर दी। सुरक्षित प्रसव कराने के अपने अभियान में वह जुटी रही। नतीजा हुआ कि महज डेढ़ वर्ष के भीतर वह दो सौ प्रसव वह अपने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर करा चुकी हैं।

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