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Varanasi में CM Yogi का दो दिनी दौरा : डॉ. मल्लिकार्जुन शिवाचार्य स्वामी बने जंगमबाड़ी मठ के 87वें पीठाधीश्वर, मुख्यमंत्री ने दी बधाई

Varanasi : वीरशैव संप्रदाय के सबसे बड़े जंगमबाड़ी मठ में 21वीं सदी के पहले पट्टाभिषेक का शुक्रवार को आयोजन किया गया। इस आयोजन में काशी पीठ के जगद्गुरु डॉ. चंद्रशेखर शिवाचार्य महास्वामी ने डॉ. मल्लिकार्जुन शिवाचार्य स्वामी को जंगमबाड़ी मठ का 87वां पीठाधीश्वर नियुक्त किया। आयोजन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। उन्होंने डॉ. मल्लिकार्जुन शिवाचार्य स्वामी को पीठाधीस्वर नियुक्त किये जाने पर अपनी और प्रदेश की तरफ से बधाई दी। मठ के कार्यों में हमेशा सहयोग की बात कही।

डॉ. मल्लिकार्जुन शिवाचार्य स्वामी बने 87वें पीठाधीश्वर


इस सम्बन्ध में जगद्गुरु डॉ. चंद्रशेखर शिवाचार्य महास्वामी ने बताया कि काशी जंगमबाड़ी मठ अत्यंत प्राचीन परम्परा का मठ है। अभी तक 85 जगतगुरु हो गया है। हम 86वें जगतगुरु के रूप में वर्तमान में हैं। अपनी उपस्थिति में ही एक योग्य उत्तराधिकारी को अपना पद हस्तानांतरित करने का विचार हमने किया था। वह कार्यक्रम आज संपन्न हुआ है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी बुलाया गया था। उन्होंने बधाई देते हुए कहा है कि पूरा उत्तर प्रदेश आप के साथ है। आप की योजनाओं को हम साकार करेंगे।

अयोध्या में भी बनेगा मठ

जगद्गुरु डॉ. चंद्रशेखर शिवाचार्य महास्वामी ने कहा कि योगी जी जैसा कहते हैं वैसा करते ही हैं। उत्तर प्रदेश वासियों के लिए जंगमबाड़ी मठ से और अच्छा से अच्छा कार्य होता रहेगा। जगतगुरु ने बताया कि जितने भी लोग यहां आते हैं सबके सब अयोध्या दर्शन को अवश्य जाते हैं। लोग पूछते हैं कि वहां मठ है क्या या धर्मशाला। हमने योगी जी से एक आग्रह किया है कि हमें वहां एक जगह दीजिये। हम उसकी एक योजना बना रहे हैं कि हम वहां एक भक्त निवास बनाना चाहते हैं ताकि सर्व सम्प्रदाय के लोग आकर वहां रुक सकें। इसपर उन्होंने सहमति दी है।

मार्गदर्शन में होगा काम

पीठाधीश्वर के रुप में पट्टाभिषेक के बाद 87वें पीठाधीश्वर डॉ. मल्लिकार्जुन शिवाचार्य स्वामी ने बताया कि बहुत अच्छा लग रहा है कि योगी जी के सानिध्य में मेरा पट्टाभिषेक किया गया है। उन्होंने मुझे अपने और प्रदेश की तरफ से मुझे बधाई दी है। उन्होंने कहा कि जो भी बड़े गुरु जी का मार्गदर्शन होगा उसी के आधार पर हम चलेंगे। हम सनातन धर्म की संस्कृति को लेकर आगे चलेंगे। हमारा मठ पंजाब और हरियाणा में भी है उन सब का सुविधा के अनुसार उनका कार्य यहां करवाया जाएगा।

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