@aajexpressdgtl #Exclusive : Covid-19 : 101 लोगों का योगदान, 21 भाषाओं में कोरोना वारियर्स का सम्मान, फिर सुर्खियों में डॉ. जगदीश पिल्लई

Varanasi : विश्व में फैले कोरोना महामारी से सब कुछ थम गया है। लॉकडाउन के चलते लोग घरों में बैठे हैं। हमारे बीच कुछ ऐसे लोग हैं जो इस महामारी से हमें सुरक्षित रखने के लिए एक योद्धा की तरह काम कर रहे हैं। मीडियाकर्मी, पुलिस, डॉक्टर्स, नर्स वोर्डबॉय, स्वास्थ्यकर्मी ये हमारे असली कोरोना योद्धा हैं। अपनी जान की परवाह किये बिना हमारे सुरक्षा के लिए इस संकट से लड़ रहे हैं।

ऐसे योद्धाओं के लिए बस एक छोटा सा धन्यवाद शब्द ही काफी नहीं है। दिल से निकलती हुई दुआओं के आभार की ध्वनि हर एक ऐसे योद्धाओं तक पहुंचाने के लिए एक अद्भुत एवं अनोखा संगीतमय दृश्य दावत काशी से पेश किया गया है। हर एक कोविड योद्धाओं को आभार व्यक्त करते हुए एक गाना बनाया गया है। बनारस के सुंदरपुर निवासी डॉ. जगदीश पिल्लई ने गाना खुद लिखकर गाया और संगीत दिया है। गाने के जरिए कोरोना योद्धाओं को अलग-अलग तरीके से शुक्रिया बोलकर आभार व्यक्त किया गया है। भारत के कई राज्यों के लोगों ने अपने अलग-अलग भाषाओं में आभार लिखकर खुद के फोटो के साथ भेजे हैं।

जगदीश ने बताया कि इसको तैयार करने में एक हफ्ते का समय लगा है। कोविड योद्धाओं को देश के कोने-कोने से 101 लोगों ने मिलकर 21 भाषाओं में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक संगीत के द्वारा शुक्रिया कहा है, जिसे मैंने गाने के माध्यम से प्रस्तुत किया है। बताया, इस में देश भर के 101 लोगों का योगदान रहा। 21 भाषाओं में लोगों ने आभार व्यक्त किया है। श्रीविश्वनाथ की नगरी काशी से कोविड योद्धाओं के लिए किया यह नेक पहल किया गया है।

21 स्पेशल

असामी, बंगाली, डोगरी, अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, मलयालम, मराठी, ओड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तेलुगु, तमिल, उर्दू, मैथिलि, मणिपुरी, कुरुख, लद्दाकी, राजस्थानी भाषा में कोरोना वारियर्स को शुक्रिया कहा गया है।

शुक्रिया कहने वाले लोग

सलोनी, बीजी कुरूप, सोमा मुखर्जी, मोहम्मद वारिस अली शाह, लीना सिंह, प्रियंका सिंह, अंशी दीक्षित, माधव सोनी, प्रियांशिका मौर्या, कुशाग्रा दीक्षित, नव्या तिवारी, सुनीता डोंगरे, डॉ. वैभव भिड़े, यश भिड़े, तन्वी शफी, हृतिक राज, पज्ह्मन, अभ्युदय, सुरेश के नायर, अप्सरा नायर, प्रिया, अतुल कुमार, पूजा सिंह, सुनील कुमार, आकांक्षा सिंह, चांदनी सोनी, मार्खंडेय सिंह, शांति मौर्या, दियाजित, सुन्दर, स्वाति प्रिया, बी एस आर वरदा, निरोशा पुट्टा, चंदाना, डॉ. नवीन बट्टू, अंजलि, अनिकेत पाण्डेय, अन्वेषा, आंचल, अदिति कनोजे, दयानंद कोहर, अवनीश, बाबा, दीक्षा मौर्या, दिव्यांशी शर्मा, आरती मौर्या, गुनगुन, काविन रुंगटा, डॉ. सुनीता शर्मा, जीविका, इशिता, गुनगुन कुमार, क्षितिज, कृतिका मुखर्जी, कृतिका दूबे, काव्या श्रीवास्तव, माया देवी, कुसुम पाण्डेय, नैना, मीनाल, प्रांजल, नैतिक, निहारिका, नीतेश, राधा पटेल, पूनम राय, रानी सिंह, ऋतु राय, रितिका सिंह, संगीता विश्वकर्मा, सावित्री मौर्या, शांति राय, शाम्भवी, सृजन सिंह, शारिका दुबे, स्नेहलता, विजय कन्नन, यश, स्वाति सिंह, सुकन्या, वैभव मौर्या, वनिशा, विश्वेश, सुनीता आर यादव, वीर, वंदना श्रीवास्तव, यश निखिल मौर्या।

इन जगहों से आया सन्देश

कश्मीर, लद्दाक, केरल, हैदराबाद, कन्याकुमारी, चेन्नई, मिरियालगुडा, देहरादून, हिमाचल प्रदेश, शिलोंग, बैंगलोर, जयपुर, पंजाब, बिहार, जम्मू, मुंबई, नई दिल्ली, नॉएडा, रांची, कोलकाता, धनबाद, प्रयागराज, मथुरा, गोरखपुर, आज़मगढ़, गाजीपुर, मिर्जापुर, वाराणसी।

गिनीज वर्ल्ड बुक रिकार्ड में दर्ज है पिल्लई का नाम

सबसे कम समय में एनीमेशन मूवी बनाकर कनाडा को हराकर भारत का नाम गिनीज वर्ल्ड बुक में पिल्लई ने दर्ज कराया। फिर 16300 पोस्ट कार्ड की लंबी लाइन बनाकर चीन का रिकॉर्ड तोड़कर दूसरी बार भारत का नाम दर्ज कराया। पेपर के कतरों से सबसे बड़ा 4000 sq.ft का लिफाफा बनाकर तीसरी बार और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ मुहिम के तहत सबसे ज्यादा पोस्टर बनाने में चौथी बार अपना गिनीज बुक मे दर्ज कराया।