Varanasi 

BHU में मनाया गया साइकिल दिवस : आजादी के अमृत महोत्सव के तहत छात्रों ने निकाली रैली, सेहत का ख्याल रखने के लिए लोगों को किया जागरूक

Varanasi : आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर साइकिल यात्रा निकालकर पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही महापुरुषों और शहीदों को पुष्पांजलि कर नमन किया।

आजादी का अमृत महोत्सव साइकिल यात्रा काशी हिंदू विश्वविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना भवन से आरंभ होकर महामना पंडित मदन मोहन मालवीय भवन पहुंची जहां महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उसके उपरांत वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की जन्मस्थली भदैनी पहुंची और वहां से आगे बढ़ते हुए साइकिल यात्रा विजय चौराहा पर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद शहीद उद्यान सिगरा पहुंची। जहां भारत सरकार युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के नेहरू युवा केंद्र द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

साइकिल रैली में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. बाला लखेंद्र, डीएवी की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विनीता सिंह और डॉ. वंदना बालचंदानी के नेतृत्व में लगभग 225 स्वयंसेवकों ने साइकिल यात्रा में हिस्सा लिया। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत देशभर के 75 राष्ट्रीय महत्व के स्थलों से 75 साइकिल यात्राएं आयोजित की गई जिनमें लगभग 7.5 किलोमीटर की दूरी तय कर इस ऐतिहासिक दिवस को राष्ट्रीय पटल पर अंकित किया गया।

इसके पूर्व भारत सरकार के युवा कार्यक्रम खेल मंत्रालय के राष्ट्रीय सेवा योजना सलाहकार डॉ. कमल कुमार कर तथा क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अशोक श्रोति ने ऑनलाइन माध्यम से हरी झंडी दिखाकर उद्घाटित किया। साइकिल यात्री यात्रा मार्ग में भारत माता की जय, साइकिल चलाएं निरोगी बनें, साइकिल चलाकर पर्यावरण की रक्षा करें, आधा घंटा देश को जैसे नारे लगा रहे थे। शहीद उद्यान में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति की। साइकिल चलाने से होने वाले फायदों के बारे में उपस्थित जनसमुदाय को जानकारी दी।

इस अवसर पर विचार व्यक्त करने वालों में कार्यक्रम समन्वयक डॉ. बाला लखेंद्र, रतिकेश पूर्णोदय, प्रतिमा यादव, शिवानी कनौजिया, रंजीत कुमार राय, नितिन कुमार, उज्जवल कुमार झा आदि की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

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