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पूजन-अर्चन के बाद किया गया लोकार्पण : 38 मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया गया

Varanasi : पंचक्रोशी यात्रा के तीसरे तीर्थ पड़ाव स्थल रामेश्वर में वरूणा किनारे स्थित असंख्यातेश्वेर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं को आने-जाने में होने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए निर्माणाधीन सेतु निर्माण का कार्य पूर्ण होने पर विधिवत पूजन-अर्चन के बाद श्रद्धालुओं के लिए लोकार्पण किया गया।

सेतु का निर्माण आंध्र प्रदेश के रहने वाली सन्यासी चंद्रकला के मार्गदर्शन में निर्माणकर्ता अमेरिका के रहने वाली कुमारी नाग अन्नपूर्णा पद्ध्य व वैकेट रेड्डी के कर कमलों द्वारा संपन्न कराया गया है।


दक्षिण भारतीय संन्यासी चंद्रकला के मार्ग दर्शन में इस सेतु का निर्माण करवाया गया है। इस मंदिर की मान्यता है कि श्रीरामचंद्रजी के निर्देश पर हनुमानजी के सानिध्य में असंख्य सेना वानरों के द्वारा उक्त शिवलिंग की स्थापना की गई थी। जिसकी वजह से यहां पर श्रद्धालुओं के आने जाने का तांता लगा रहता है।


मंदिर वरुणा पुल से काफी नीचे होने के कारण श्रद्धालुओं को आने-जाने में दिक्कत होती थी। इसको देखते हुए उक्त सेतु का निर्माण कराया गया। पंचक्रोशी मार्ग में पड़ने वाले 38 मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया गया।

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