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मौसम की मार, लोग हो रहे बीमार : कभी गर्मी, कभी कूल के घनचक्कर में अस्पताल फूल, डेंगू भी बरपा रहा कहर

Varanasi : डॉक्टर साहब, दो-तीन दिन से बुखार है। कहीं डेंगू, मलेरिया तो नहीं हो गया। यही सवाल लगभग हर अस्वस्थ लोगों के जहन से निकल रहा।

बेमौसमी बारिश की रिमझिम बौछारे तरोताजा तो करती ही हैं, इसके साथ हर किसी को इस सुहाने मौसम का पूरा लुत्फ उठाने की इच्छा भी होती है लेकिन बारिश का यह मौसम में कई बीमारियों को आमंत्रण भी देता है।

इस मौसम में लोग अक्सर बीमार हो जाते हैं। इस बारिश के मौसम में मलेरिया, डेंगू, सर्दी-खांसी, जुलाब, उल्टी, टायफाईड, त्वचा रोग, पीलिया इत्यादि अनेक रोग फैलते हैं।

मौसम की बेरुखी से लोग बीमार पड़ रहे हैं। जिला अस्पताल हो या निजी अस्पताल, सुबह से ही मरीजों की भीड़ लगना शुरू हो जाती है। मौसम के बदलते मिजाज से लोग परेशान ही नहीं बीमार भी पड़ रहे हैं।

बेमौसम बारिश के कारण मौसम में फिर बदलाव देखा जा रहा है। मौसम के बदले मिजाज के कारण लोग बीमारियों के जकड़ में आकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। डायरिया के इक्का-दुक्का तो पेट संबंधी बीमारी के दर्जनों, बुखार-खांसी के मरीजों की लाइन लग रही है।

चिकित्सकों का मानना है कि बदलते मौसम के मिजाज संग दूषित जल पीने व खराब खानपान, गंदगी इसका मुख्य कारण है।

अक्टूबर माह में मौसम के बदले मिजाज से लोगो को प्रचंड उमस से राहत मिली है लेकिन शरीर पर इसका प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिल रहा है। इससे शरीर का तालमेल न बैठाने के कारण लोग बीमारी के शिकार होकर अस्पताल पहुंच रहे है।

सरकारी अस्पताल में ही नहीं बल्कि नगर के निजी क्लीनिकों पर भी मरीजों की संख्या देखी जा रही है, लोग बीमारी से पीड़ित होकर क्लीनिकों पर इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। छोटे बच्चों की संख्या में ज्यादा इजाफा हुआ है।

दरअसल, मौसम के बदलाव को छोटे बच्चे बर्दाश्त नहीं कर पाते और जल्द बीमार हो जाते हैं। बारिश का मौसम बच्चों को ज्यादा प्रभावित करता है। बदलाव से बीमारियां मौसम के बदलने के साथ ही बीमारियों का दौर शुरू हो जाता है, गर्मी के बाद बारिश आने पर शरीर अचानक इस बदलाव को सहने में असमर्थ हो जाता है, जिससे बीमारों की संख्या बढ़ने लगती है।

बारिश में दूषित पानी पीने से व्यक्ति उल्टी दस्त, पीलिया जैसी बीमारियों की गिरफ्त में आ जाता है। गंदगी से बीमारियों के बढ़ने का एक कारण लोगों की लापरवाही भी है।

बारिश में लोग अपने आसपास के हालातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते। गंदगी बनी रहती है और मच्छरों की तादाद बढ़ती है। मच्छरों के काटने से मलेरिया सहित अन्य बीमारियों को बढ़ावा मिलता है।

इतना ही नहीं खान-पान पर भी ध्यान न दिए जाने से बीमारियां बढ़ रही हैं। यही कारण है कि अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है।


बारिश से पहले ही सीजन में होने वाली बीमारियों के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। ओपीडी में मरीज़ो की संख्या बढ़ गई है। मरीजों में वायरल, उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायतें मिल रही हैं वहीं डेंगू भी अपना कहर बरपा रहा है।

बनारस जनपद में डेंगू के मरीजों की तादात 89 से पार हो चली है। शनिवार को डेंगू से एक बच्चे की मौत भी हो गई थी। मौत के बाद स्वास्थ्य महकमे की नींद खुली और आनन-फानन में एडवायजरी जारी कर लोगों को डेंगू के प्रति सावधान रहने की अपील की जा रही है।

डेंगू पेशेंट की बढ़ती तादात से कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल का डेंगू वार्ड फुल हो चुका है। जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड भर जाने के बाद एक और अतिरिक्त वार्ड बनाया गया है।

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