Varanasi धर्म-कर्म 

वैदिक ऋचाओं संग एकाकार गंग तरंग : काशी कांची महोत्सव के तहत दशाश्वमेध घाट पर मनाया गया वसंतोत्सव

Varanasi : मोक्ष की नगरी काशी में हनुमान घाट स्थित श्रीकाशी कांची कामकोठी मठ में सात दिवसीय काशी कांची महोत्सव मनाया जा रहा है। कांची कामकोठी पीठम द्वारा संचालित देश के विभिन्न भागों के वेद विद्यार्थी इस महोत्सव कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।

प्रतिवर्ष पूज्य शंकराचार्य श्रीशंकर विजयेंद्र सरस्वतीजी के आशीर्वाद और अनुग्रह से देश के विभिन्न धार्मिक क्षेत्रों में लोक कल्याण की कामना के साथ नव संवत्सर के पूर्व पक्ष में सभी जीव राशियों की मंगल कामना के लिए सप्ताह पर्यंत वैदिक अनुष्ठान और चतुर्वेद सर्व शाखा का पाठ किया जाता रहा है। यह महोत्सव प्रतिदिन काशी के नित्य दर्शनीय देवालयों में आयोजित हो रहा है।

कार्यक्रम के दूसरे दिन सिबर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में 108 वैदिक विद्वानों-बटुकों के द्वारा रुद्र पाठ और लोक कल्याण के लिए प्रार्थना किया गया।

इसके बाद अभिषेक कलशों के अभिमंत्रित जल को भगवान विश्वेश्वर को समर्पित कर पूरे विधि-विधान से पूजन कर विश्व कल्याण की कामना की गई। सायंकाल में दशाश्वमेध घाट पर वसंतोत्सव का आयोजन किया गया जिसके अंतर्गत मां गंगा की गोद में ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद और उनके सभी शाखाओं का पाठ वैदिक विद्वानों द्वारा किया गया।

शैवागम के शुक्तों का भी पाठ किया गया जो द्रविड़ भाषा में है। उक्त कार्यक्रम में विशेष रूप से कांची से पधारे महास्वामी विद्यापीठ के आचार्यगण और सम्पूर्ण वेदाध्ययन कर चुके छात्रों का दल शामिल रहे।

कार्यक्रम में गंगोत्री सेवा समिति, वेदपरायन ट्रस्ट, महास्वामी विद्यापीठ ट्रस्ट और काशी कांति मठ का सहयोग रहा। संयोजक वी.एस. सुब्रमण्यम मणि औक संचालन श्रीकांत ने किया।

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