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Encounter effect : खौफ में दूसरा अनिल पहुंच गया कोर्ट, जमानत तुड़वा कर गया जेल

Varanasi : पुलिस पर भारी पड़ रहे बदमाश एनकाउंटर में 50 हजार के इनामी मोनू चौहान के ढेर होने के बाद यू टर्न लेकर अब खुद को सुरक्षित करने में लग गए हैं। मंगलवार को लक्सा थाना क्षेत्र के जद्दूमंडी का रहने वाला बदमाश अनिल यादव उर्फ पट्टी जिला न्यायालय में पेश हुआ। कैंट थाने में कायम हुए मुकदमे में अपनी जमानत तुड़वा कर वह जेल चला गया।

दरअसल, पट्टी की तलाश में पुलिस लगी हुई थी। दीपावली के करीब उसने क्षेत्र में लूट की घटना को अंजाम दिया था। आपसी वर्चस्व को लेकर मारपीट भी की थी। इस मामले को लेकर सत्ता में पैठ रखने वाले कुछ भाजपा नेता उससे नाराज थें। मामला जब अधिकारियों तक पहुंचा तो पुलिस ने अनिल यादव पट्टी की तलाश तेज कर दी।

मौके की नजाकत को देखते हुए पट्टी ने जेल जाना ज्यादा मुनासिब समझा। पट्टी के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, 25 आर्मस एक्ट, मारपीट, लूट सहित कई मुकदमे कायम हैं। थाना प्रभारी लक्सा महातम यादव ने बताया कि अनिल की तलाश की जा रही थी।

पुलिस की गोली का खौफ

कोर्ट में सरेंडर करने वाले अनिल को लगा कि 50 हजार रुपए के इनामी मोनू चौहान उर्फ मोनी उर्फ अरविंद चौहान के मारे जाने के बाद पुलिस उसे उसका साथी बता कर मार देगी। डर कर उसने दो वकीलों के मार्फत कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अनिल के सरेंडर करने की जानकारी पर एकबारगी पुलिस का भी माथा ठनका। पता करने पर मालूम हुआ कि सरेंडर करने वाला अनिल यादव वह अनिल यादव नहीं है जो मुठभेड़ के दौरान फरार हुआ था।

मोनू का अंतिम संस्कार

उधर, रविवार की रात पुलिस मुठभेड़ में मारे गए मोनू उर्फ मोनी उर्फ अरविंद चौहान का पोस्टमार्टम सोमवार की रात हुआ। रात में ही कड़ी सुरक्षा के बीच उसका अंतिम संस्कार किया गया। एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पोस्टमार्टम हाउस से लेकर दाह संस्कार तक फोर्स तैनात थी। उसके परिजन भी मौजूद थे।

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