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Faculty development program : शिक्षकों को जीव विज्ञान की नयी तकनीकि की ट्रेनिंग देने के लिए कार्यशाला, लेक्चर और प्रैक्टिकल कराए जाएंगे

Varanasi : उदय प्रताप कालेज के जन्तु विज्ञान विभाग के द्वारा डीबीटी योजना के तहत मंगलवार को एक Faculty development program का शुभारंभ किया गया। विषय Tools and techniques in biology है। एक सप्ताह तक चलने वाले इस कार्यशाला में डिग्री कॉलेज के शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। यह  कार्यशाला संयुक्त रूप से जन्तु विज्ञान विभाग उदय प्रताप कालेज और जन्तु विज्ञान विभाग बनारस हिंदू विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित है।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को जीव विज्ञान की नयी तकनीकि की ट्रेनिंग देना है। कार्यशाला में प्रतिदिन तीन पालियां होंगी। प्रथम पाली में लेक्चर, द्वितीय और तृतीय पाली में प्रैक्टिकल कराए जाएंगे। उद्घाटन समारोह में प्राचार्य डॉक्टर डी. के. सिंह ने प्रतिभागियों का स्वागत किया।

कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए बताया कि नई शिक्षा नीति में बहुत से नए तकनीक को लागू किया गया है। ये कार्यशाला शिक्षकों के लिए आवश्यक रूप से कराये जाने का उद्देश्य उनके तकनीकि स्किल्स को विकसित करना है, जिससे आगे वे अपने कॉलेज में भी बच्चों को ट्रेनिंग देने में सक्षम हो पाएंगे।

आज इस कार्यशाला में प्रोग्राम कोआर्डिनेटर डॉक्टर तुमुल सिंह ने ग्रांट राइटिंग विषय पर व्याख्यान दिया। एक सफल ग्रांट प्रपोजल की बारीकियों को बतौर उदाहरण देते हुए बताया की डीबीटी स्टार स्कीम के ग्रांट प्रपोजल का प्रारूप कैसा बनाया जाए। दूसरे सत्र में डॉक्टर ब्रजेश कुमार सिन्हा ने हीमोग्लोबिन नापने की विधि बताई।

प्रतिभागियों ने अपने हेमोग्लोबिन प्रतिशत को हेमोग्लोबिनोमीटर से नापा।तीसरी पाली में डॉक्टर तुमुल सिंह ने सूक्ष्म जीवों को मापने की तकनीक के ऊपर व्याख्यान दिया। ऑक्यूलोमिटर द्वारा स्वेत रक्त कोशिकाओं के डायमीटर और पारामेईसीयम को मापने की तकनीकी की जानकारी दी। प्रतिभागियों ने स्वयं प्रैक्टिकल किया।

कोर्स कोआर्डिनेटर डाॅ. एस. के. श्रीवास्तव ने प्रतिभागियों को जीव विज्ञान विषय में हुए तकनीकी विकास और उसके महत्व की जानकारी दी। कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में महाविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक डाॅ. एस. के. शाही, डाॅ. एन. पी. सिंह, डाॅ. शशिकांत द्विवेदी डाॅ. विवेक सिंह, डाॅ. अभिषेक सिंह, डाॅ. डी. पी. शाहा, डाॅ. ए. के. निगम, डाॅ. दीपक विश्वकर्मा, डाॅ. आनंद प्रकाश आदि उपस्थित थे।

रोज इस कार्यक्रम में तीन पालियां होंगी। जिसमें विषय विशेषज्ञों की देखरेख में प्रायोगिक कार्य संपादित कराए जायेंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है कि नयी शिक्षा नीति में सम्मिलित नये पाठ्यक्रम और उनके प्रायोगिक कार्य की शिक्षा विषय विशेषज्ञों के द्वारा कराया जाए।

यह कार्यशाला जीव विज्ञान विषय के प्राध्यापकों के लिए बहुत ही उपयोगी और ज्ञानज्ञानवर्धक होगा क्योंकि कार्यशाला में टूल्स और टेक्निक्स का प्रयोग जीव विज्ञान मे कैसे किया जाए की तकनीकी जानकारी दी जाएगी। यह कार्यक्रम 22 से 24 मार्च तक जंतु विज्ञान विभाग उदय प्रताप कॉलेज में और 26 से 29 मार्च तक बनारस हिंदू विश्व विद्वालय के जन्तु विज्ञान विभाग में कराया जाएगा।

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