Health Varanasi 

फाइलेरिया उन्मूलन : मरीजों को दिया रोग प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण, 15 मरीजों को प्रदान की गई MMDP किट

Varanasi : फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिले में हर दिन नए प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिंडरा पर शुक्रवार को फाइलेरिया (हाथी पांव) ग्रस्त 15 मरीजों को एमएमडीपी किट और आवश्यक दवा दी गई। साथ ही रोगियों को घाव की नियमित सफाई के तरीके बताए गए।

स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), पाथ और सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) संस्था ने सहयोग किया। फाइलेरिया नियंत्रण इकाई रामनगर के प्रभारी व बायोलॉजिस्ट डॉ. अमित कुमार सिंह, डब्ल्यूएचओ के डॉ. निशांत और पाथ के डॉ. सरीन कुमार ने रोगियों को प्रशिक्षण दिया।

उन्होंने बताया कि फाइलेरिया ग्रस्त अंगों मुख्यतः पैर की साफ-सफाई रखने से इंफेक्शन का डर नहीं रहता है और सूजन में भी कमी रहती है। इसके प्रति लापरवाही बरतने पर अंग खराब होने लगते हैं। इससे समस्या बढ़ जाती है। इन्फेक्शन को बढ़ने से रोकने के लिए दवा भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि जिनके हाथ-पैर में सूजन आ गई है या फिर उनके फाइलेरिया ग्रस्त अंगों से पानी का रिसाव होता है।

इस स्थिति में उनके प्रभावित अंगों की सफाई बेहद आवश्यक है। इसलिए चिन्हित मरीजों को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत एमएमडीपी किट मुहैया कराई जा रही है। इस किट में एक-एक टब, मग, बाल्टी तौलिया, साबुन, एंटी फंगल क्रीम आदि शामिल हैं।

डॉ. अमित कुमार सिंह ने बताया कि पिंडरा ब्लॉक में वर्तमान में 151 फाइलेरिया के मरीज सक्रिय हैं जिसमें से 100 हाथी पांव और 50 हाइड्रोसील के मरीज हैं। 11 हाइड्रोसील के मरीजों का इलाज हो चुका है।

इस मौके पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित तिवारी, सीफार जिला समन्वयक अम्बरीष राय और फाइलेरिया सपोर्ट ग्रुप के सदस्य उपस्थित रहे।

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