Health Varanasi 

पहली बार Varanasi के सभी छह ब्लॉक की PHC को मिला कायाकल्प अवार्ड : पिंडरा ने हासिल किया पहला स्थान, मंडुआडीह और पांडेयपुर भी पुरस्कृत

Varanasi : जिले के स्वास्थ्य विभाग ने बेहतर समन्वय और त्रुटि विहीन कार्यों के बदौलत इतिहास रच दिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एनएचएम के अंतर्गत कायाकल्प अवार्ड योजना के तहत वर्ष 2021-22 के लिए जिले के सभी छह ब्लॉकों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पुरस्कृत हुए। यह पहली बार हुआ है जब जनपद की सभी ब्लॉक पीएचसी ने कायाकल्प अवार्ड हासिल किया है।

साथ ही जनपद के दो हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को भी कायाकल्प अवार्ड मिला है। मंडलीय अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. एसके उपाध्याय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप चौधरी, एसीएमओ डॉ. एके मौर्य और मंडलीय क्वालिटी कंसल्टेंट डॉ. आरपी सोलंकी ने समस्त पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी सहित स्टाफ को बधाई दी और उनके कार्यों तथा कड़ी मेहनत की सराहना भी की।

इसके साथ ही उन्होंने भविष्य में स्वास्थ्य केंद्रों पर सभी चिकित्सीय व स्वास्थ्य सुविधाओं को निरंतर बनाए रखने के लिए प्रोत्साहन किया। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने कहा कि कायाकल्प अवार्ड मिलने के साथ ही जनपद के सभी ग्रामीण-शहरी पीएचसी व सीएचसी पर चिकित्सीय सुविधाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है जिससे समुदाय के अंतिम व्यक्ति को इसका लाभ मिल सके।

पीएचसी पर मातृ और शिशु स्वास्थ्य के साथ परिवार कल्याण कार्यक्रम, नियमित टीकाकरण, किशोर-किशोरी स्वास्थ्य, संचारी, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग और उपचार, पैथालोजी जांच आदि की सुविधाएं निशुल्क दी जा रही हैं। उन्होंने खुशी जाहिर कर कहा कि इतने सालों में पहली बार हुआ है जब जनपद की सभी छह ब्लॉक पीएचसी को एक साथ कायाकल्प अवार्ड मिला है।

स्वास्थ्य विभाग में शनिवार को बेहद हर्षोल्लास का माहौल रहा। डॉ. सोलंकी ने बताया कि जनपद की समस्त छह पीएचसी पिंडरा, हरहुआ, सेवापुरी, काशी विद्यापीठ, चिरईगांव और बड़ागांव को क्रमशः 81.4%, 79.1%, 75.5%, 74.5%, 73.2% और 91.8% अंक प्राप्त हुये हैं। पिंडरा पीएचसी ने सभी मानकों को प्राप्त करते हुये जनपद में सर्वश्रेष्ठ पीएचसी का दर्जा हासिल किया है। शहरी मंडलीय कंसल्टेंट मयंक राय ने बताया कि जनपद की दो शहरी पीएचसी (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) मंडुआडीह और पाण्डेयपुर ने क्रमशः 85.2% एवं 80.1% फीसदी अंक प्राप्त कर पहला व दूसरा स्थान हासिल किया है।

डॉ. सोलंकी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार अंतिम चरण (राज्य स्तर से एक्सटर्नल असेसमेंट) में 70 या 70 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त होने पर कायाकल्प अवार्ड दिया जाता है। पीएचसी को उनके मानकों के आधार पर अलग-अलग धनराशि सरकार की ओर से दी जाती है। यह धनराशि दो लाख से 50 हजार रुपये के बीच होती है। वहीं इन सात मानकों के आधार पर कायाकल्प अवार्ड मिलता है।

सात मानक

  • चिकित्सालय रख-रखाव और प्रबंधन।
  • साफ-सफाई और स्वच्छता।
  • चिकित्सालय में मौजूद सेवाएं।
  • बायो मेडिकल और कचरा प्रबंधन।
  • संक्रमण नियंत्रण।
  • स्वच्छता प्रोत्साहन।
  • अस्पताल सीमा प्रबंधन।

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