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Good News : कोरोना मुक्त हुआ बनारस, डेढ़ वर्ष बाद सक्रिय केस शून्य, बोले CMO- कोविड गाइडलाइन का पालन करना न भूलें

Varanasi : बाबा विश्वनाथ की नगरी करीब डेढ़ वर्षों बाद कोरोना मुक्त हो गई है। रविवार को कोरोना संक्रमित मरीज के स्वस्थ्य होने के साथ ही सक्रिय केस शून्य हो गए। अब जिले में कोरोना का कोई मरीज नहीं है। 30 सितंबर के बाद कोरोना का कोई नया केस नहीं मिला है। मार्च, 2020 के बाद डेढ़ वर्षों के अंतराल पर बनारस कोरोना मुक्त हुई है।

पिछले वर्ष मार्च, 2020 में कोरोना का पहला केस में मिला था। कोरोना की पहली लहर और इस वर्ष अप्रैल में आई दूसरी लहर ने कहर बरपाया। अप्रैल से जून तक हालात बेकाबू हो गए थे। अस्पतालों में बेड नहीं मिले और आक्सीजन का संकट गहरा गया था। कोरोना संक्रमित मरीजों की सबसे अधिक मौत भी हुई। शहर में तब हाहाकार मच गया था। श्मशान घाट पर पहली बार लोगों को अंतिम संस्कार के लिए भी छह से आठ घंटे तक इंतजार करना पड़ा था। जून के बाद कोरोना के केस कम होने लगे। तीसरी लहर की चेतावनी के बीच जुलाई और अगस्त में कोरोना के नए केसों की संख्या कम रही।

रविवार को जांच के लिए कुल 3538 सैंपल गए थे। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं अभी भी 1648 सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है। रविवार को 2962 कलेक्ट किये गए हैं। अब तक कुल 82396 कोविड पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं, जिसमें से 81623 मरीज स्वस्थ भी हो गए। वहीं जिले के 773 लोगों को इस महामारी ने जान ले ली।

होम आइसोलेशन से एक मरीज़ स्वस्थ हुआ है। इसी के साथ ज़िले में होमाइसोलेशन कर रहे 75320 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं कोविड अस्पतालों से 6303 लोग स्वस्थ हुए हैं। जिले में अब तक कुल 1880208 कोविड के सैंपल्स कलेक्ट किये जा चुके हैं।

सीएमओ डॉ वीबी सिंह ने बताया कि 16 जनवरी से शुरू हुए पूरी दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीनशन प्रोग्राम की देन है कि बनारस में कोई भी मरीज नही है। लाखों लोगों का वैक्सीनशन हो चुका है, जो अभी भी लगातार जारी है, लेकिन सीएमओ ने आगाह करते हुए कहा कि भले ही अब एक भी कोविड मरीज नहीं है, पर इसका मतलब ये नहीं के खतरा खत्म हो गया। सक्रिय केस शून्य हो गए हैं। मगर, लापरवाही नहीं करनी है। कोविड प्रोटोकाल का पालन करना है। आशंकित थर्ड वेव से बच्चों को और स्वयं को बचाना है।

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