Health Varanasi 

इंटरनेट एडिक्शन डिसऑर्डर पर सामूहिक परिचर्चा : डॉक्टर शैलेंद्र श्रीवास्तव बोले- मोबाइल के अधिक उपयोग से सिरदर्द, बेचैनी, घबराहट, भूख न लगना शारीरिक विकार बन रहा है

Varanasi : नई सुबह मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहार विज्ञान संस्थान द्वारा शुक्रवार को इंटरनेट एडिक्शन डिसऑर्डर विषय पर सामूहिक चर्चा का आयोजन किया गया। इस पर परिचर्चा में जनपद के विभिन्न महाविद्यालय, विद्यालयों के प्राचार्य-शिक्षक, चिकित्सक परामर्शदाता, मनोवैज्ञानिक प्रवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुए।

परिचर्चा में युवाओं में बढ़ते इंटरनेट एडिक्शन विकृति के कारणों दुष्प्रभावों तथा उसके निवारण के उपायों पर चर्चा किया गया। परिचर्चा में मुख्यवक्ता के रूप में बोलते हुए राजकीय महिला महाविद्यालय डीएलडब्लू के प्राचार्य डॉ. राजकिशोर ने कहा कि छात्रों में यह विकृति तीव्र गति से बढ़ रही है।

डॉ. मनोचिकित्सक अजय तिवारी ने कहा इस विकृति को कम करने में अभिभावक व शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। मोबाइल के उपयोग के समय का अवलोकन एक सशक्त माध्यम है। विशिष्ट अतिथि के रूप में परिचर्चा में बोलते हुए डॉक्टर शैलेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि मोबाइल के अधिक उपयोग से सिरदर्द, बेचैनी, घबराहट, भूख न लगना आज शारीरिक विकार बन रहा है।

हेड मास्टर डॉक्टर पूनम ने कहा कि आज के बच्चों में खेलकूद के घटते अवसर के कारण मोबाइल एडिक्शन बढ़ रहा है। डॉ. मनोज तिवारी ने कहा कि जबतक हम मोबाइल का उपयोग करते हैं तब तक ठीक रहते हैं जब हम मोबाइल के नियंत्रण में हो जाते हैं तब समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

परिचर्चा में डॉक्टर वंदना वर्मा, डॉक्टर अंकित त्रिपाठी, ज्योत्सना सिंह, शिवांगी श्रीवास्तव, पायल जायसवाल, प्रशांत त्रिपाठी, डॉ. अमित तिवारी, पंकज श्रीवास्तव, नियाज अहमद, आजाद तिवारी, उत्कर्ष श्रीवास्तव, सुनीता तिवारी, अर्पिता मिश्रा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया गया।

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