बड़ी बोल 

Guest Writer : खुदा ख़ूब जानता है आप कितना उठा सकते हैं, रिश्ता जिंदगी का कौनसा कितना निभा सकते हैं

खुदा ख़ूब जानता है आप कितना उठा सकते हैं, रिश्ता जिंदगी का कौनसा कितना निभा सकते हैं।

हर जर्रे की खासियत है वो कुछ भी हो सकता है, उसे तोड़ मोड जोड़ के कुछ भी बना सकते हैं।

आरामगाह में रख़ो न हसरतें तमाम, जूनूं वाले ही घर हजार बसा सकते हैं।

ज़िल्द उम्र ए किताब बढ़ा देता है जिस तरह, हम खुद को लिबास ए इबरत उढ़ा सकते हैं।

जी कर बरस हजार क्या होगा ‘बांके’, वो उम्र बहुत है जो होश में बिता सकते हैं।

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Guest writer कॉलम के जरिए आप भी अपनी बात, शेर-ओ-शायरी, कहानी और रचनाएं लोगों तक पहुंचा सकते हैं। ‘आज एक्सप्रेस’ की तरफ से Guest writer द्वारा लिखे गए लेख या रचना में कोई हेरफेर नहीं की जाती। Guest writer कॉलम का उद्देश्य लेखकों की हौसला अफजाई करना है। लेख से किसी जीवित या मृत व्यक्ति का कोई सरोकार नहीं। यह महज लेखक की कल्पना है। Writer की रचना अगर किसी से मेल खाती है तो उसे महज संयोग माना जाएगा।

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