बड़ी बोल 

Guest Writer : गलतफहमियां मुमकिन हैं लेकिन, खुशफैमियां भी बेहद ज़रूरी है जिंदगी में

कुछ तो ख्वाहिशें ज़रुरी है जिंदगी में, कुछ तो फरमाइशें ज़रुरी हैं जिंदगी में।

सुकूं के वास्ते कुछ आबोहवा बदलते रहो, रुख़ ए हवा बदलना जरूरी है जिंदगी में।

हर मुकाम पर कुछ तो होगा ही हासिल, सांस लेना हर लम्हा ज़रुरी है जिंदगी में।

उसकी हरकतों पे नज़र है मेरी गोया, बनके जिंदगी वो बस नहीं है जिंदगी में।

गलतफहमियां मुमकिन हैं ‘बांके’ लेकिन, खुशफैमियां भी बेहद ज़रूरी है जिंदगी में।

Disclaimer

Guest writer कॉलम के जरिए आप भी अपनी बात, शेर-ओ-शायरी, कहानी और रचनाएं लोगों तक पहुंचा सकते हैं। ‘आज एक्सप्रेस’ की तरफ से Guest writer द्वारा लिखे गए लेख या रचना में कोई हेरफेर नहीं की जाती। Guest writer कॉलम का उद्देश्य लेखकों की हौसलाअफजाई करना है। लेख से किसी जीवित या मृत व्यक्ति का कोई सरोकार नहीं। यह महज लेखक की कल्पना है। Writer की रचना अगर किसी से मेल खाती है तो उसे महज संयोग माना जाएगा।

You cannot copy content of this page