मेहमान लेखक 

Guest Writer : जो करोड़ों हैं डकारे अब लें रहे हैं हिचकियां, उनके पीछे-पीछे ईडी-सीबीआई चल रही है

Ratnesh Tiwari Chanchal

भक्त और भांटों में जमकर हाथापाई चल रही है, इल्जाम की अंजाम की लीपापुताई चल रही है।

ले रही करवट सियासत कुछ लोग ऐसा मानते हैं, सच तो है कि बस सियासी बेहयाई चल रही है।

जिसकी लाठी भैंस उसकी ये कहावत है पुरानी, पर यहां लाठी बिना ही मन की मिठाई चल रही है।

बहुत दिनों से जो दबी थीं वो खुल रही हैं फाइलें, धूल के मोटी परत की अब सफाई चल रही है।

जो करोड़ों हैं डकारे अब लें रहे हैं हिचकियां, उनके पीछे-पीछे ईडी-सीबीआई चल रही है।

किसको समझें दूध का धुला हुआ इस दौर में, पेंग पढ़कर खूब वफा का बेवफाई चल रही है।

धुर विरोधी में गले मिलने की जमकर होड़ है, मुंह में बर्फी पड़ी मन में खटाई चल रही है।

जिसे रौंद कर पैरों तले हैं बड़े मगरूर वो, उस लहुलुहान लोकतंत्र की दुहाई चल रही है।

Disclaimer

Guest writer कॉलम के जरिए आप भी अपनी बात, शेर-ओ-शायरी, कहानी और रचनाएं लोगों तक पहुंचा सकते हैं। ‘आज एक्सप्रेस’ की तरफ से Guest writer द्वारा लिखे गए लेख या रचना में कोई हेरफेर नहीं की जाती। Guest writer कॉलम का उद्देश्य लेखकों की हौसला अफजाई करना है। लेख से किसी जीवित या मृत व्यक्ति का कोई सरोकार नहीं। यह महज लेखक की कल्पना है। Writer की रचना अगर किसी से मेल खाती है तो उसे महज संयोग माना जाएगा।

You cannot copy content of this page