मेहमान लेखक 

Guest Writer : रिश्तो की वफादारी में है दर्द तो बहुत लेकिन, बेशक झेलने वाले को कह दो

कह दो ख्याल मुझको जो चाहे लिख दो, अल्फाजों कुछ तो हाल ए दिल कह दो।

इतनी फुर्सत नहीं मुझे की बहक जाऊं बार-2, कोई गुस्ताखी हुई हो तो शिकवा कह दो।

दर्द देने को हजार जख्म है हाजिर, अश्कों बह जाओ ऐ नजर कह दो।

कुछ तो वजह होगी वो खामोश है क्या यूंही, वो बेजुबां नहीं है ये तो ज़ुबां कह दो।

रिश्तो की वफादारी में है दर्द तो बहुत लेकिन, बेशक झेलने वाले को ‘बांके’ कह दो।

Disclaimer

Guest writer कॉलम के जरिए आप भी अपनी बात, शेर-ओ-शायरी, कहानी और रचनाएं लोगों तक पहुंचा सकते हैं। ‘आज एक्सप्रेस’ की तरफ से Guest writer द्वारा लिखे गए लेख या रचना में कोई हेरफेर नहीं की जाती। Guest writer कॉलम का उद्देश्य लेखकों की हौसलाअफजाई करना है। लेख से किसी जीवित या मृत व्यक्ति का कोई सरोकार नहीं। यह महज लेखक की कल्पना है। Writer की रचना अगर किसी से मेल खाती है तो उसे महज संयोग माना जाएगा।

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