मेहमान लेखक 

Guest Writer : है गुजारिश ये ही हर अज़ीम इंसान से, तुम हरएक ग़म को भुलाकर मुस्कुराना सीख लो

कुछ ना आए बेश़क रिश्ते निभाना सीख लो, हर मुट्ठी में नमक है यहां जख़्म छुपाना सीख लो।

तुम से भी ज्यादा कहीं मौजूद हुनरमंद हैं, तुम सिरफ अपना हुनर पेश़ करना सीख लो।

तुम से येही जिक्र होगा तुम यहां कमजोर हो, तुम हरइक ठोकर के बाद उठके चलना सीख लो।

सबको यही फिक्र है कोई हमसे ज्यादा ना बढ़े, तुम अलग मंजिल चुनो आगे बढ़ना सीख लो।

है गुजारिश ये ही ‘बांके’ हर अज़ीम इंसान से, तुम हरएक ग़म को भुलाकर मुस्कुराना सीख लो।

Disclaime

Guest writer कॉलम के जरिए आप भी अपनी बात, शेर-ओ-शायरी, कहानी और रचनाएं लोगों तक पहुंचा सकते हैं। ‘आज एक्सप्रेस’ की तरफ से Guest writer द्वारा लिखे गए लेख या रचना में कोई हेरफेर नहीं की जाती। Guest writer कॉलम का उद्देश्य लेखकों की हौसला अफजाई करना है। लेख से किसी जीवित या मृत व्यक्ति का कोई सरोकार नहीं। यह महज लेखक की कल्पना है। Writer की रचना अगर किसी से मेल खाती है तो उसे महज संयोग माना जाएगा।

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