बड़ी बोल 

Guest Writer : कोई ज़ुबां चाहे जो मुझे कह दे बेशक, पानी हूं! हर रंग की सोहबत समझता हूं

कसौटी पे जिंदगी की खुद को ही परखता हूं, उस्ताद हूं! क्योंकि ये उम्दा हुनर रखता हूं।

कोई ज़ुबां चाहे जो मुझे कह दे बेशक, पानी हूं! हर रंग की सोहबत समझता हूं।

उनकी सांसें उनकी धड़कन मेरा क्या, मोहब्बत हूं! सिर्फ नेक दिल में ठहरता हूं।

हजार आरजू लिए ख्याल जीलें चाहे, गुलाब हूं! बिखर के भी महकता हूं।

च़राग सिर्फ वो नहीं जो बेइंतहा रौशन है, नूर हूं! ‘बांके’ कीमत ए नज़र समझता हूं।

Disclaimer

Guest writer कॉलम के जरिए आप भी अपनी बात, शेर-ओ-शायरी, कहानी और रचनाएं लोगों तक पहुंचा सकते हैं। ‘आज एक्सप्रेस’ की तरफ से Guest writer द्वारा लिखे गए लेख या रचना में कोई हेरफेर नहीं की जाती। Guest writer कॉलम का उद्देश्य लेखकों की हौसला अफजाई करना है। लेख से किसी जीवित या मृत व्यक्ति का कोई सरोकार नहीं। यह महज लेखक की कल्पना है। Writer की रचना अगर किसी से मेल खाती है तो उसे महज संयोग माना जाएगा।

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