Breaking Crime Varanasi ऑन द स्पॉट पूर्वांचल 

ज्ञानवापी प्रकरण : शिवलिंग के कार्बन डेटिंग पर टला कोर्ट का फैसला, 11 को अगली सुनवाई

Varanasi : ज्ञानवापी परिसर में सर्वे के दौरान मिले शिवलिंग की लंबाई, चौड़ाई, गहराई, उम्र और आसपास की एरिया की कार्बन डेटिंग पर कोर्ट का फैसला टल गया है। सुनवाई की अगली तारीख 11 अक्तूबर दी गई है।

जिला जज डॉ. एके विश्वेश की कोर्ट ने कहा है कि वादिनी 5 महिलाएं एकमत होकर बताएं कि ज्ञानवापी मस्जिद में मिले कथित शिवलिंग की किस वैज्ञानिक पद्धति से जांच हो। इस पर अंजुमन इतेजामिया मसाजिद कमेटी ने आपत्ति दाखिल की है। कमेटी ने कहा कि हमें वादी पक्ष की मांग पर आपत्ति है। उसके लिए हमें समय दिया जाए।

वहीं, सिविल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट सीनियर डिवीजन महेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में ज्ञानवापी प्रकरण के दो प्रार्थनों पर सुनवाई टल गई है। गुरुवार को ही प्रार्थनों पत्रों पर सुनवाई होनी थी। मगर भरत मिलाप की लोकल छुट्टी से कचहरी में अवकाश होने के कारण शुक्रवार को कोर्ट खुलने पर सुनवाई की तारीख लगी।

मगर शुक्रवार को भी अदालत की पीठासीन अधिकारी अवकाश पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। इस मामले में अगली सुनवाई अब 11 अक्तूबर को होगी। इसके साथ ही ज्ञानवापी परिसर में मिले कथित शिवलिंग के पूजा-पाठ राग-भोग आरती करने की मांग लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ओर से सिविल जज सीनियर डिविजन कुमुदलता त्रिपाठी की अदालत में दाखिल अर्जी पर भी सुनवाई टल गई। इस कोर्ट के भी पीठासीन अधिकारी अवकाश पर होने के कारण ही सुनवाई नहीं हुई।

इस मामले के लिए अगली सुनवाई तीन नवंबर को होगी। वहीं शुक्रवार को सिविल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट सीनियर डिवीजन महेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में अविमुक्तेश्वर भगवान आदि की तरफ से दाखिल प्रार्थना पत्र पर सुनवाई टल गई। इस मामले में भी 28 अक्तूबर की तिथि नियत की है।

फैसले से पहले हिंदू पक्ष के लोगों ने किया पूजा-पाठ और हवन

ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे के दौरान मिले कथित शिवलिंग की कार्बन डेटिंग कराने को लेकर कोर्ट के फैसले से पहले हिंदू पक्ष के लोगों ने पूजा-पाठ और हवन किया। भगवान से हिंदू पक्ष में फैसला आने की कामना की। इसमें 29 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई में कार्बन डेटिंग पर वादी पक्ष ही आमने-सामने आ गया था। जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में चार महिला वादियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हरिशंकर जैन व विष्णु जैन ने मांग की है कि शिवलिंग के नीचे अरघे और आसपास की जांच कराई जाए।

You cannot copy content of this page