Varanasi ऑन द स्पॉट 

Holi 2022 : होलिका दहन के बाद Varanasi में रंगों की बारी, बनारसियों ने खेला रंग, देसी-विदेशी सभी होली के रंग में रंगे दिखे, मंदिरों में भीड़

Varanasi : आध्यात्मिक राजधानी काशी शुक्रवार को होली के रंग में रंगी नजर आई। चारों तरफ अबीर-गुलाल उड़े। लोग एक दूसरे को रंग लगाकर खुशियां मनाते दिखे। रंगोत्सव का पर्व हर्षोल्लास से साथ मनाया गया। लोगों ने खूब रंग खेला। हुड़दंग किया।

रंगों के पर्व होली पर चारों ओर रंग अबीर गुलाल की धूम रही। शहर और देहात में कई जगहें पर फाग और होली मिलन समारोह का आयोजन हुआ। होलिका की पूजा और दहन के साथ शुरु हुआ रंगों का त्यौहार प्रेम व सौहार्द के साथ मनाया गया। जगह-जगह सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस मुस्तैद थी।

गंगा घाट से लेकर सड़कों, गली मोहल्लों और कॉलोनियों में जमकर होली का हुड़दंग हुआ। क्या देशी, क्या विदेशी। सभी लोग होली के रंग में रंगे। होली का नशा ऐसा था कि भोर से ही लोग नाचने-गाने से लेकर रंग खेलने में सक्रिय हो गये थे। यह क्रम दोपहर बाद तक जारी रहा। सुबह श्रीकाशी विश्वनाथ, बाबा कालभैरव व अन्य मंदिरों में दर्शन करने के साथ वहां पर रंग और अबीर चढ़ाया गया। बच्चे से लेकर बड़ों तक में दिन भर होली का खुमार छाया रहा।

बहरूपिये बने मस्तानों की टोलियां लंबे बाल, अजीबो गरीब चेहरे बनाये और नकली चेहरे लगाये दिखीं। होलियाना मिजाज में एक दूसरे की खिंचाई की। एक दूसरे को रंगों से रंगीन कर दिया। यह दौर दुसरे पहर तक चला। रंगों को छुड़ाने की जदोजहद देर शाम तक चली। लोगों ने घरों में बने पकवान का आनंद लिया। रंग खेलने के साथ खाने-खिलाने का दौर जारी हुआ।

शाम को तैयार हुए। नये कपड़े पहने। माता-पिता के साथ परिवार के सभी बड़े सदस्यों का आशीर्वाद लिया। त्योहारी ली। कम-ज्यादा को लेकर छोटों ने जिच भी की। बाद में मिलने का आश्वाशन मिला तो खुशी-खुशी बाहर निकल गये। दोस्तों-रिश्तेदारों अपने प्रिय लोगो के साथ पर्व का आनंद लिया।

होली हो और गीत संगीत न बजे, बनारस में भला ऐसे कैसे हो सकता है। शहर सहित गांव में कई प्रमुख स्थानों पर डीजे की व्यस्था की गई थी। शाम से ही डीजे पर होली गीतों के अलावा हिंदी फिल्मों और भोजपुरी के होलियाना गीतों की गूंज सुनाई दे रही थी। त्योहारी खुमारी में डूबे युवाओं का जत्था गीतों पर थिरकता रहा। एक के बाद एक फरमाइसों का दौर जारी था।

मंदिरों में भक्तों की भीड़

होली के दिन भगवान को अपनी श्रद्धा समर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में भक्तों का रेला मंदिरों में उमड़ा। होली के दिन चौसट्टी देवी के दर्शन की मान्यता है। इसी मान्यता की पूर्ति में श्रद्धालुओं का रेला देवी के मंदिर में उमड़ा। उधर, काशी विश्वनाथ मंदिर, संकटमोचन, दुर्गाकुंड, काल भैरव, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर आदि मंदिरों में श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा समर्पित की। दुर्गाकुंड स्थित त्रिदेव मंदिर में श्रद्धालुओं ने फूलों की होली खेली।

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