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होली 2022 : बुराई पर जीत का प्रतीक, जानिए होलिका दहन का शुभ मुहूर्त और ज्योतिषी महत्व

Pandit Loknath Shastri

रंगों का त्योहार होली देश और दुनिया भर में बड़े ही उत्साह और मस्ती के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलते हैं और उन्हें रंग लगाते हैं। माना जाता है पुरानी दुश्मनी को दूर करने के लिए इससे बेहतर कोई दिन हो ही नहीं सकता है। इस दिन को अलग-अलग जगहों पर लोग अलग-अलग तरीकों से मनाते हैं। इस दिन घरों में तरह-तरह के पकवान बनाये जाते हैं, लोग जिसे अपने रिश्तेदारों और प्रियजनों के साथ खाते हैं, रंगों से खेलते हैं, संगीत बजाते हैं और उसपर नृत्य करके इस दिन का खुलकर लुफ्त उठाते हैं।

होली का त्यौहार दो दिनों तक मनाया जाता है। पहला दिन होलिका दहन के नाम से जाना जाता है जिसे, विष्णु भक्त प्रहलाद की राक्षस राजा हिरण्यकश्यप की बहन होलिका पर जीत के उपलक्ष्य के तौर पर मनाया जाता है। होलिका दहन के दिन सूर्यास्त के समय या बाद में होलिका की चिता जलाई जाती है और इसे बुराई का अंत माना जाता है। इसके बाद अगले दिन को धुलंडी के नाम से जाना जाता है। जिस दिन रंगों पानी और गुलाल के साथ लोग उत्साह से होली का त्यौहार मनाते हैं और स्वादिष्ट और विशेष व्यंजनों का आनंद लेते हैं।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार बात करें तो होली के दिन चंद्रमा और सूर्य आकाश में एक दूसरे के एकदम विपरीत छोर पर स्थित होते हैं। इन दोनों ही महत्वपूर्ण ग्रहों का यह स्थान बेहद ही शुभ माना जाता है। जहां सूर्य कुंभ राशि और मीन राशि में होता है वहीं चंद्रमा सिंह और कन्या राशि में स्थित होता है।

इसके अलावा वास्तु शास्त्र के जानकारों का यह भी मानना है कि, यह अवधि घर, वाहन या संपत्ति के लिए वास्तु पूजा कराने के लिए बेहद ही शुभ होती है क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करती है और हमारे जीवन में बुरी नजर से सुरक्षा प्रदान करती है और आपके सभी स्वास्थ्य परेशानियों को होलिका दहन की अग्नि में जलाकर अच्छे स्वास्थ्य का वरदान देती है। इस दिन बहुत से लोग पवन देवता की पूजा करने के लिए और उनका आभार प्रकट करने के लिए पतंग भी उड़ाते हैं।

शुभ मुहूर्त

होली 2022 का पहला दिन होलिका दहन गुरुवार 17 मार्च, 2022 को मनाया जाएगा और इसके बाद अगले दिन यानी 18 मार्च, 2022 को रंगों वाली होली खेली जाएगी।

21:20:55 से 22:31:09 तक

1 घंटे 10
भद्रा पुँछा :21:20:55 से 22:31:09 तक
भद्रा मुखा -22:31:09 से 00:28:13 तक

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