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विजयदशमी पर श्रीराम से पहले इंद्र का प्रकोप : बरसात से पुतलों का कहीं टूटा हाथ तो कहीं फटा पेट

Varanasi : देश में आज विजयदशमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। लेकिन यूपी-बिहार में इंद्र के प्रकोप यानी भारी बारिश से त्योहार का मजा किरकिरा हो गया है। वाराणसी से लेकर पूर्वांचल के जिलों में रात में झमाझम बारिश हुई। इससे रावण के बड़े-बड़े पुतले क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कहीं रावण का हाथ टूट गया है तो कहीं पेट ही फट गया है। कलाकार पुतलों को फिर से ठीक करने की कवायद में जुटे हैं। हालांकि, कागज और मुलायम लकड़ियों से बनने वाले इन पुतलों को ठीक करने में मुश्किलें सामने आ रही हैं।

अन्य जगहों पर भी पुतले को बैनर व पॉलीथिन से ढंका गया। शास्त्री नगर लीला मैदान में मंच के आगे तक पानी भर गया। कुंभकरण और मेघनाथ का पुतला भींग गया। बारिश से दशहरा की लीला मंचन को लेकर सुबह से ही आयोजकों में चिंता दिखाई दी है।

वाराणसी में बनारस रेल इंजन कारखाना में सबसे बड़ा रावण दहन का कार्यक्रम होता है। यहां भी रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के विशाल पुतले एक दिन पहले मंगलवार की दोपहर ही मैदान में खड़े कर दिए गए थे।

इसी बीच मंगलवार की रात से शुरू हुई बारिश ने रावण समेत अन्य पुतलों पर कहर ढाना शुरू कर दिया। बुधवार सुबह भी बारिश होती रही और 75 फीट लम्बे रावण के पुतले का कई हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, बरेका प्रशासन पुतलों को रिपेयर करवाने का दावा कर रहा है।

जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि शाम 7 बजे रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाद के पुतले का दहन होगा। इससे पहले शाम 4.30 बजे से बीएलडब्ल्यू स्कूल और आसपास के विद्यालयों के विद्यार्थी मोनो एक्टिंग रूपक के माध्यम से रामलीला का मंचन करेंगे।

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