Health Varanasi 

माइक्रोप्लान के नवीनीकरण के बारे में दी जानकारी : बोले CMO- नियमित टीकाकरण के सफल संचालन के लिए माइक्रोप्लान बेहद आवश्यक

Varanasi : बच्चों और गर्भवती के नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को सुदृढ़ करने और इसके माइक्रोप्लान को समय से तैयार कर टीकाकरण सत्रों का संचालन सफलतापूर्वक किया जा सकता है जिससे जनपद में नियमित टीकाकरण की सौ फीसदी उपलब्धि हासिल की जा सके। इसके लिए जरूरी है आबादी के अनुसार संबन्धित क्षेत्र का सर्वे करना, आशा कार्यकर्ता द्वारा हेड काउंट सर्वे कर ड्यू लिस्ट तैयार करना, माइक्रोप्लान तैयार करना, कोल्ड चेन पॉइंट की व्यवस्था की जांच, टीकाकरण सत्र के लिए वैक्सीन की पर्याप्त मात्रा की उपलब्धता सुनिश्चित करना एवं समुदाय को मोबिलाइज कर टीकाकरण सत्र का संचालन करना।

यह बातें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप चौधरी ने सोमवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सभागार में आयोजित नियमित टीकाकरण के माइक्रोप्लान के नवीनीकरण पर प्रशिक्षण कार्यशाला में कहीं। सीएमओ ने कहा कि माइक्रोप्लान से जुड़ी जितनी भी समस्या हैं, उनको पूर्ण रूप से दूर कर ली जाएं। सभी ग्रामीण व शहरी पीएचसी एवं सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी समस्त स्टाफ के साथ विस्तार से चर्चा करें। सीएमओ ने प्रशिक्षण में मौजूद समस्त चिकित्सा अधिकारियों, एचईओ, बीपीएम और बीसीपीएम से कहा कि कार्यशाला में दी गयी जानकारी का उचित अनुपालन करें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 2 जून तक नया एवं अपडेटेड माइक्रोप्लान भेजना सुनिश्चित करें।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (डीआईओ) डॉ. वीएस राय ने जनपद के सभी ब्लॉक स्तरीय प्रभारी चिकित्साधिकारियों (एमओआईसी), स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी (एचईओ), ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम), ब्लॉक सामुदायिक प्रक्रिया प्रबन्धक (बीसीपीएम) एवं ब्लॉक टीकाकरण अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। उन्हें वर्ष 2022-23 के नियमित टीकाकरण के माइक्रोप्लान के नवीनीकरण के बारे में विस्तार से बताया । नियमित टीकाकरण, कोल्ड चेन पॉइंट रख-रखाव, वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता, ई-विन पोर्टल पर वैक्सीन की सूचना नियमित रूप से अपडेट करते रहने, टीकाकरण के प्रतिकूल प्रभावों आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होने बताया कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत वर्ष 2022-23 के लिए सौ फीसदी उपलब्धि का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसकी शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने की योजना तैयार की गई है। मॉनिटरिंग का कार्य डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ द्वारा किया जाएगा।

एसीएमओ डॉ. एके मौर्य ने कहा कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत शहरी क्षेत्र में कोल्ड चेन पॉइंट व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जनपद के सभी पांचों शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को कोल्ड चेन पॉइंट बनाया जाएगा। एक कोल्ड चेन पॉइंट से 5 से 6 शहरी पीएचसी को जोड़ा जाएगा जिससे वैक्सीन कि उपलब्धता निरंतर बनी रहे और शीघ्र-अतिशीघ्र वैक्सीन सत्र स्थल व आशा कार्यकर्ताओं तक पहुंचाई जा सके। इसके साथ ही उन्होने कहा कि शहरी क्षेत्र में टीकाकरण सत्रों का आयोजन सार्वजनिक स्थलों या आंगनबाड़ी केंद्र पर करें जिससे बच्चों व गर्भवती को आसानी से सत्र तक ले जया जा सके और टीकाकरण कराया जा सके।

इस दौरान डबल्यूएचओ एसएमओ डॉ. जयशीलन एवं डॉ. सतरुपा ने माइक्रोप्लान को कैसे विकसित करें और टीकाकरण सत्र का आयोजन किस तरह से किया जाए, के बारे में विस्तार से जानकारी दी। यूनीसेफ के क्षेत्रीय समन्वयक प्रदीप विश्वकर्मा एवं डीएमसी डॉ. शाहिद ने सामुदायिक मोबिलाइज़ेशन और प्रतिभागिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कार्यशाला में उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (डिप्टी डीआईओ) डॉ. सुरेश सिंह, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके पांडेय, समस्त एमओआईसी, डॉ. कार्तिकेय सिंह, डीएचईआईओ हरिवंश यादव, डिप्टी डीएचईआईओ कल्पना सिंह व उषा ओझा, जिला नगरीय स्वास्थ्य समन्वयक आशीष सिंह, डब्ल्यूएचओ से डॉ. जयशीलन व डॉ. सतरुपा, यूनीसेफ के डॉ. प्रदीप विश्वकर्मा और डॉ. शाहिद, एचईओ, बीपीएम, बीसीपीएम, अन्य चिकित्सक, अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।

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