Crime Varanasi उत्तर प्रदेश 

Investigation : तंत्र-मंत्र के फेर में फंसे एमबीबीएस के छात्र ने खरीदा था रुद्राक्ष की माला और यंत्र, विंध्य पहाड़ी पर मौजूद तंत्र साधकों से पुलिस करेगी पूछताछ

मेडिकल स्टोर चलाने वाले पिता ने कहा इकलौते बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए लगा दी जिंदगी भर की कमाई

बिलखते हुए बोले किसी तांत्रित के चलते उन्होंने अपने बेटे को खो दिया

Varanasi : बीएचयू के एमबीबीएस छात्र नवनीत के पिता बिहार के गोपालगंज में मेडिकल की दुकान चलाते हैं। मां म्यूजिक टीचर हैं। नवनीत उनका इकलौता बेटा था। एक बेटी पूजा पराशर दिल्ली के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से बीटेक कर रही है। पिता मनोज कुमार ने बताया कि बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए जिंदगी की पूरी कमाई लगा दी। बेटे को जितने पैसे की जरूरत होती थी उससे अधिक पैसा उसको देते थे। उम्मीद थी कि बेटा डॉक्टर बनने के बाद उनका नाम रोशन करेगा, उन्होंने बिलखते हुए बताया कि उनकी सारी परेशानी दूर कर देगा पर किसी तांत्रित के चलते उन्होंने अपने पुत्र को खो दिया।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि वह छात्रों से कहता था कि विंध्य पहाड़ी पर तंत्र साधना किया जाएगा। पुलिस के निशाने पर इस समय विंध्य पहाड़ी पर स्थित तंत्र साधना के स्थल कुछ स्थल है। जहां तांत्रिक व साधक मौजूद है। पुलिस का मानना है कि इनमें से किसी न किसी तंत्र साधना स्थल से नवनीत संबंध रहा होगा। तभी वह वाराणसी से विंध्याचल चला आया। इसी की पड़ताल में पुलिस जुटी हुई है। पुलिस विंध्य क्षेत्र के तंत्र साधना स्थलों पर मौजूद तांत्रिकों से भी पूछताछ में जुटी है। वहीं विसरा को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार में है।

सहयोगी छात्रों को नहीं थी जानकारी

नवनीत पराशर की मिर्जापुर में लाश मिलने के बाद आईएमएसबीएचयू के स्टूडेंट एडवाइजर प्रोफेसर मिर्जापुर पहुंचे। उसके घर के लोगों से मुलाकात की। नवनीत के पिता ने उन्हें बताया कि उन्होंने एक बेटा और एक बेटी को पूरी मेहनत के साथ पढ़ाया, लेकिन उन्हें क्या पता था कि बेटा इस तरह साथ छोड़कर चला जाएगा। पिछले कुछ महीनों से बेटा ज्यादा पैसा मांग रहा था। पूछने पर बताया कि उसने कुछ रुद्राक्ष की माला और एक यंत्र खरीदा है। लेकिन उसके माला और यंत्र खरीदने की जानकारी उसके सहयोगी छात्रों को भी नहीं थी।

पेट पर थे जख्म के निशान

याद होगा, लापता हुए एमबीबीएस के छात्र नवनीत पराशर की लाश शनिवार की सुबह मिर्जापुर जिले के चील्ह थाना क्षेत्र के कोल्हुआ घाट पर गंगा में उतराई हुई मिली थी। शरीर के कपड़े और हुलिया से नवनीत की शिनाख्त पुलिस ने की। बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पानी में बॉडी ज्यादा समय तक रहने से फूल गई थी। सड़ने लगी थी। बनारस से पहुंची लंका पुलिस और नवनीत के घरवालों ने पहचान के बाद शव का अंतिम संस्कार किया। छात्र के पेट पर मिले चीरा के निशान ने पुलिस की गुत्थी सुलझने की जगह उलझ गई है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो नवनीत के पेट के बीच में कटने के निशान मिले हैं। पुलिस ने हत्या जैसी बात से इनकार किया है। बताया, किसी जलीय जानवर के काटने से ऐसा हो सकता है। लोगों का कहना था, अभी तक गंगा में मिलने वाले किसी शव पर इस तरह से कटने के निशान नहीं मिले थे।

करता था अघोर और आध्यात्म की बातें

नवनीत के दोस्तों ने पुलिस को बताया था कि वह अघोर और आध्यात्म जैसी बातें करता था। दो महीने पहले बनारस में ही किसी साधक या अघोरी से उनकी निकटता हो गई। उसके व्यवहार में बदलाव आने लगा था। कहता था, संसार और सांसारिक वस्तुओं से मोहभंग होने लगा है।

लंका थाने में पड़ी थी तहरीर

9 जून को वह होस्टल से बुलट बाइक लेकर निकला था। 10 जून को आखिरी बार विंध्याचल मंदिर के बाहर देखा गया। मिर्जापुर जिले के विंध्याचल थाना क्षेत्र में गुरुवार को उसकी बुलेट बाइक बरामद हुई थी। छात्रों ने वाराणसी के लंका थाने में लापता होने की तहरीर दी थी। विंध्याचाल की पहाड़ियों पर उसकी तलाश शुरू हुई। गंगा में शनिवार को उसकी लाश पुलिस को मिली।

मिर्जापुर एसपी और सीओ सिटी बोले

इस संबंध में सीओ सिटी मिर्जापुर सुधीर कुमार का कहना था कि छात्र की लाश लाश एकदम सड़ गई थी। पानी में जहरीले जानवर भी हैं, हो सकता है किसी जानवर ने काट लिया हो। परिवार के लोग मौके पर पहुंचे थे। शिनाख्त के बाद अंतिम संस्कार किया गया है। मिर्जापुर एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने कहा था छात्र 10 जून को विंध्याचल मंदिर के पास देखा गया था। उसकी तलाश हो रही थी। जिस स्थिति में लाश मिली है उससे यही कहा जा सकता है कि डूबने से छात्र की मौत हुई है। लग रहा है कि छात्र ने आत्महत्या की है।

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