Breaking Crime Lucknow Varanasi उत्तर प्रदेश पूर्वांचल 

फर्जी दस्तावेज के बदौलत बिजली विभाग में नौकरी : उनमोचन प्रार्थना पत्र को खारिज कर कोर्ट ने जारी किया NBW, जन्मतिथि बदलकर नौकरी पाने से जुड़ा है मामला

Varanasi : न्यायालय ने कूटरचित और फर्जी दस्तावेज के बदौलत बिजली विभाग में नौकरी करने के मामले में अभियुक्त की अर्जी को खारिज करते हुए NBW जारी किया है। न्ययालय ने कहा कि, अभियुक्त की ओर से जरिए अधिवक्ता उनमोचन प्रस्तुत करते हुये यह कथन किया गया कि अभियुक्त चन्द्र कुमार मिश्र की नियुक्ति दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के रूप इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन चतुर्थ पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड वाराणसी में हुई थी। अभियुक्त द्वारा कूटरचित तरीके से जन्मतिथि बदलकर नौकरी पाया गया।

विभाग में उसकी जन्मतिथि के निर्धारण के लिए आयु की जांच कराया गया। दिनांक 27 फरवरी 1989 को जो जन्मतिथि का प्रमाण पत्र निर्गत किया था उसमें प्रार्थी अभियुक्त की आयु उस 28 वर्ष पायी गयी थी। जिसके आधार पर विभाग ने पार्थी अभियुक्त की सेवा पुस्तिका मे दिनांक 27 फरवरी 1974 के आधार पर प्राथी की जन्मतिथि 27 फरवरी 1961 अक्ल की गयी।

प्रार्थि अभियुक्त का पड़ोसी के मध्य संपत्ति को लेकर अनेक दीवानी और आपराधिक मुकदमे चले हैं अथवा चल रहे हैं। पड़ोसी द्वारा अभियुक्त के सेवा समाप्ति के अंतिम समय में मिथ्या और निराधार आधार पर एग्जीक्यूटिव इंजीनियर इलेक्ट्रिसिटी अर्बन डिस्ट्रीब्यूशन फोर्य वाराणसी तथा एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड भीखीपुर वाराणसी के समक्ष अभियुक्त की जन्मतिथि के संबंध में शिकायत किया। पड़ोसी के उक्त शिकायती पत्र की जांच की गयी। जांच में पाया गया कि जन्मतिथि फर्जी है। विवेचना के पश्चात् अभियुक्त चंद्र कुमार मिश्रा के विरुद्ध आरोप पत्र दस्तावेजी साक्ष्य और मौखिक साक्ष्य के आधार पर अं. धारा 419 और 420 मा.दस. में प्रेषित किया गया है तथा प्रथम दृष्टया विचारण का पर्याप्त साक्ष्य है। न्यायालयों के विधि व्यवस्था तथा उपरोक्त विश्लेषण के आधार पर अभियुक्त की ओर से जरिये अधिवक्ता प्रस्तुत उन्मोचन प्रा. पत्र निरस्त किये जाने योग्य है।

न्ययालय ने आदेशित किया कि अभियुक्त जमानत पर नहीं है तथा अभियुक्त की हाजिरी के लिए अभियुक्त के विरुद्ध पूर्व में अजमानतीय वारंट व धारा 82 दं.प्र.सं. की आदेशिका निर्गत किये जाने का आदेश पारित किय गया है। अतः अभियुक्त के विरुद्ध एनबीडब्ल्यू धारा 82 द.प्र.सं. की आदेशिका निर्गत करने के साथ साथ न्यायालय में पेश होने के लिए आदेश जारी किया। वादी अधिवक्ता नमिता कुमारी झा ने अपना पक्ष रखकर उनमोचन प्रार्थना पत्र को खारिज कराया।

You cannot copy content of this page