Health Varanasi 

अभिनव पहल के दूसरे चरण का शुभारंभ : सुपोषित समाज के निर्माण के लिए नवाचार, कुपोषित बच्चों, गर्भवती और किशोरियों को किया जाएगा आच्छादित

Varanasi : बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए बाल विकास सेवा पुष्टाहार विभाग की ओर से पोषाहार का वितरण किया जा रहा है। इसके और अधिक सुदृढ़करण के लिए वाराणसी के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिषेक गोयल ने बुधवार को आराजीलाइन विकासखंड के पनिहारा आंगनबाड़ी केंद्र पर अभिनव पहल के दूसरे चरण की शुरुआत की।

इस दौरान सीडीओ ने लाल और पीली श्रेणी के बच्चों को प्रोटीन-मिनरल युक्त पूरक आहार (पोषण शक्ति) का सेवन अपनी मौजूदगी में कराया। केंद्र पर ही छह माह से ऊपर के दो बच्चों का अन्नप्राशन और एक गर्भवती की गोदभराई संस्कार किया गया। उन्होने केंद्र पर मौजूद लाभार्थियों को पोषण और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी दिया। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी डी.के. सिंह मौजूद थे।

सीडीओ ने बताया कि अभिनव पहल के पहले चरण की शुरूआत पिछले वर्ष अक्टूबर में की गई थी। पहले चरण में पाये गए बेहतर नतीजे के आधार पर अभियान का दूसरा चरण बुधवार से जिले के सभी विकासखंडों में शुरू हो चुका है। यह अभियान पूरे एक साल तक चलेगा। उन्होंने समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि सभी लाभार्थियों को अपने समक्ष इन सूक्ष्म व संपूरक तत्व का सेवन कराएं। किसी भी लाभार्थी को हाथ में न थमाएं।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों, किशोरियों और गर्भवती के पोषण स्तर को मजबूत करना, पोषाहार के अतिरिक्त मल्टी विटामिन, आयरन आदि जरूरी सूक्ष्म, संपूरक पोषक तत्व प्रदान कराना और एक स्वस्थ सुपोषित समाज का निर्माण करना है।

सीडीओ ने कहा कि इसके साथ ही अभियान के तहत पीएचसी-सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर लाल श्रेणी के समस्त बच्चों की सम्पूर्ण स्वास्थ्य जांच करायी जायेगी और यथावश्यक एनआरसी में भर्ती कराया जायेगा। गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच एएनएम द्वारा अनिवार्य रूप से की जायेगी और संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराया जायेगा।

गर्भावस्था के दौरान महिला का प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना और श्रम विभाग की योजना में पंजीकरण कराया जायेगा। इसके साथ ही समस्त गर्भवती और दो वर्ष से ऊपर के बच्चों को एक मुट्ठी चना और एक ढेली गुड खिलाने के लिए प्रेरित किया जाए। यथा सम्भव कार्यकत्री अपने सामने ही खिलवाएं।

जिला कार्यक्रम अधिकारी डीके सिंह ने बताता कि मुख्य विकास अधिकारी द्वारा शुरू की गयी यह पहल बेहतर तरीके से संचालित की जा रही है। इस अभियान में गर्भवती को तीन माह पूर्ण होने के बाद पेट के कीड़े निकालने के लिए एल्बेण्डाजोल और एनीमिया को दूर करने के लिए आयरन फोलिक एसिड (आईएफ़ए) की गोली (एक गोली प्रतिदिन 180 दिन) खिलाई जाएगी। किशोरियों को एल्बेण्डाजोल और आईएफए (सप्ताह में दो बार) खिलाई जाएगी। वहीं जन्म से पांच वर्ष के लाल और पीली श्रेणी के बच्चों को उम्र के अनुसार एल्बेण्डाजोल, मल्टी विटामिन सीरप और आईएफ़ए सीरप की खुराक पिलाई जाएगी।

उन्होंने बताया कि वेदांता फाउंडेशन के सहयोग से आराजीलाइन विकास खंड में लाल और पीली श्रेणी के बच्चों को पोषण शक्ति (प्रोटीन मिनरल युक्त पेस्ट) भी दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम में प्रभारी सीडीपीओ सरला देवी, ग्राम प्रधान अनिल कुमार पांडेय, वेदांता के जिला प्रतिनिधि मोहम्मद अर्शनाल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं मौजूद थीं।

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