Lockdown 02 : Crime का ग्राफ गिरा, वारदातों पर ‘तालाबंदी’, Corona virus के खौफ से ज्यादातर बदमाश Underground

तेजी से गिरा आपराधिक वारदातों से संबंधित एफआईआर दर्ज होने का ग्राफ

बनारस के साथ आसपास के जिलों में भी आपराधिक वारदातें न के बराबर

#Varanasi : कोविड-19 संकट के दौर में खौफ और तमाम दुश्वारियों के बीच भी कुछ अच्छे असर भी दिख रहे हैं। लॉकाडाउन के नाते देश में क्राइम की वारदातें काफी कम हो गई हैं। बनारस की बात करें तो यहां भी कोरोना के डर से क्राइम के घटनाओं पर ‘तालाबंदी’ हो गई है। एफआईआर दर्ज होने का ग्राफ तेजी से नीचे गिरा है।

वह मसला जिसे हम नजरअंदाज नहीं कर सकते

पहले रोज चोरी, मारपीट, लूट सहिक अन्य गंभीर आपराधिक वारदातों के मामले दर्ज होते थे। अब इस तरह के मामले न के बराबर दर्ज हो रहें हैं। छिटपुट वारदातों को छोड़कर आपराधिक वारदातों में जबरदस्‍त कमी आई है। ताबड़तोड़ वारदातें कर लोगों में दहशत पैदा करने वाले चोर और हाईवे पर अपराध करने वाले शातिर जहां कोरोना से खौफ से अंडरग्राउंड हो गए हैं वहीं महिला उत्पीड़न की घटनाओं के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं में भी खासी कमी आई है। हां, हम इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते कि कुछ जगहों पर लॉकडाउन उल्‍लंघन के मामले दर्ज किए गए है। जिन अपराधियों को पुलिस का खौफ नहीं था, उन्हें कोरोना ने डरा दिया है।

पुलिस थी चिंतित

इधर, क्राइम ग्राफ गिरने से एफआईआर का ग्राफ भी घटा है। लॉकडाउन से पहले जिले में अपराध के लगातार बढ़ते ग्राफ को देखते हुए पुलिस काफी चिंतित थी। इसके लिए आए दिन इधिकारियों की डांट सुननी पड़ती थी। पिछले कुछ महीनों से जब तक पुलिस बड़ा केस सुलझाती थी, तबतक अपराधी दूसरी घटना को अंजाम देकर नई चुनौती दे देते थे। लॉकडाउन के बाद से एक-दो मामलों को छोड़ जिले में कोई बड़ी आपराधिक घटना नहीं हुई है।

रोड पर पुलिस, घर में क्रिमिनल्स

कोरोना वायरस से जंग कर रही वाराणसी पुलिस अपराध और अपराधियों के मसले पर चैन की बंसी बजा रही है। पुलिस का कहना है कि अपराधों की कमी की एक बड़ी वजह ये भी है कि इन दिनों जिले के ज्यादातर पुलिस थानों का स्टाफ नाकाबंदी के लिए सड़कों पर ही है, इस कारण अपराधियों की आवाजाही भी बिल्कुल थम गई है। वाराणसी से सटे सभी जिलों की सीमायें भी सील हैं इसलिए अपराधी भी कोरोना के साथ-साथ पुलिस के खौफ की वजह से बाहर नहीं आ रहे है।