Varanasi उत्तर प्रदेश धर्म-कर्म 

भ्रूण हत्या न करने का संदेश : अजन्मी बेटियों के मोक्ष की कामना, कोख में मार दी गई बेटियों के लिए काशी में श्राद्ध

Varanasi : आगमन सामाजिक संस्था ने प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी पितृपक्ष महीने के मातृ नवमी पर अजन्मी बेटियों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध कर्म किया। जिनकी ह्त्या उन्हीं की माँ के कोख में उन लोगो ने ही करा दी जिसे हम सब माता -पिता या परिजन कहते हैं। संस्था का स्पष्ट विचार है कि कोख में मारी गयी उन अभागी बेटियों को जीने का अधिकार तो नहीं मिल सका लेकिन उन्हें मोक्ष तो मिलना ही चाहि।

लगातार गर्भ में मारी जा रही अजन्मी अभागी बेटियों की मोक्ष के लिए मोक्ष की नगरी काशी में मोक्ष दिलाने हेतु जलतर्पण श्राद्ध कर्म आयोजित किया गया। गंगा तट के दशाश्वमेध घाट पर गर्भ में मारी गयी बेटियों के मोक्ष की कामना लिए संस्था के द्वारा वैदिक ग्रंथो में वर्णित परम्परा के अनुसार श्राद्ध कर्म और जल तर्पण संम्पन कराया। गंगा तट पर मिटटी के बनी वेदी पर 11 हजार सौ पिंड निर्माण कर मन्त्रों से आह्वान कर बारी-बारी मृतक को प्रतीक स्वरूप स्थापित करने के बाद मन्त्र के अभिसिंचन से उनके मोक्ष की कामना की गयी. पांच वैदिक ब्राह्मणों द्वारा उच्चारित वेद मंत्रो के बीच श्राद्धकर्ता संस्था के संस्थापक सचिव डॉ संतोष ओझा ने अजन्मी 11000 बेटियों का पिंडदान और जल तर्पण के उपरान्त ब्राम्हण भोजन के साथ आयोजन पूर्ण कराया। आयोजन के साक्षी समाज के अलग अलग वर्ग के लोग बने जिन्होंने मृतक बच्चियों को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अपनी श्रद्धा सुमन भी अर्पित की।    

संस्थापक डॉ संतोष ओझा का कहना है कि आमतौर पर आमजन द्वारा गर्भपात को एक ऑपरेशन माना जाता हैं लेकिन स्वार्थ में डूबे परिजन यह भूल जाते हैं कि भ्रूण में प्राण-वायु के संचार के बाद किया गया गर्भपात जीव ह्त्या है जो 90% मामले में पायी जाती है। धर्म -ग्रन्थ की बात करें तो किसी भी अकाल मृत्यु में शांति प्राप्ति न होने से जीव भटकता है जो परिजनों के दुःख का कारण भी बनता है। मृतक की आत्मा की शांति के लिए शास्त्रीय विधि से पूजन -अर्चन करा कर जीव को शांति प्रदान की जा सकती है।

जलतर्पण और श्राद्धकर्म का आचार्य दिनेश शंकर दुबे और श्रीप्रकाश पांडेय के नेतृत्व में सीताराम पाठक, नितिन गोस्वामी, उमेश तिवारी, बजरंगी पांडेय ने कराया। इस अवसर पर वीरेंद्र प्रसाद सिंह,शिव कुमार, जादूगर जितेंद्र , किरण,राहुल गुप्ता, हरिकृष्ण प्रेमी,।श्रद्धा, रानी, साधना कुमारी, टिंकू कुमार श्वेता चौरसिया ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया। 

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