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मुख्तार के बेटे अब्बास का हिसाब-किताब प्रकरण : पुलिस ने और धाराएं जोड़ीं, 4 मार्च को कायम हुआ था मुकदमा

Lucknow : UP के बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी के बेटे और मऊ विधानसभा सीट के नए विधायक अब्बास असंरी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मऊ पुलिस ने हिसाब-किताब प्रकरण में और धाराएं जोड़ दी हैं। अब्बास अंसारी ने मऊ सदर सीट पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के टिकट पर जीत हासिल की है। SP मऊ सुशील घुले ने कहा कि अब्बास अंसारी के खिलाफ 4 मार्च को एक मुकदमा कायम किया गया था। कानूनी मशवरा लेने के बाद उनके खिलाफ कई और धाराएं बढ़ा दी गई हैं।

इनमें धारा 153 A (धर्म, जाति के आधार पर समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 186 (जानबूझकर किसी भी लोक सेवक के काम में बाधा डालना) सगित अन्य धाराएं शामिल हैं। अब्बास अंसारी के खिलाफ बढ़ाई गई धाराओं में 189 और 120 B को भी जोड़ा गया है। कहा कि इस मामले में आगे की जांच जारी है।

याद होगा, एसपी-एसबीएसपी उम्मीदवार ने 3 मार्च की रात पहाड़पुर इलाके में एक जनसभा के दौरान मंच से अधिकारियों को धमकी दी थी। उन्होंने चुनावी जनसभा मंच से कहा था कि समाजवादी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद अधिकारियों को ट्रांसफर से पहले अपने पिछले सरकारी काम का हिसाब देना होगा।

मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी के इस भाषण का वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मऊ पुलिस ने 4 मार्च को उनके खिलाफ धारा 171 F और 506 के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उस FIR में अब और धाराएं जोड़ दी गई हैं।

अब्बास ने जनसभा में कहा था कि अखिलेश यादव से उनकी बात हो गई है। सरकार बनने के बाद अधिकारियों के ट्रांसफर छह महीने तक रोक दिए जाएंगे, पहले उनका हिसाब-किताब किया जाएगा। इस मामले का चुनाव आयोग ने संज्ञान लेते अब्बास के चुनाव-प्रचार पर चौबीस घंटे के लिए रोक लगा दी थी। उनके खिलाफ मुकदमा कायम किया गया था। अब इसी केस में और धाराएं जोड़ दी गई हैं।

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