Health Varanasi 

उपलब्धियों में जोड़ा एक और अध्याय : A Negative Blood Group गर्भवती का सफल आपरेशन, कराई गई 50 से अधिक नॉर्मल डिलीवरी

Varanasi : पं. दीन दयाल उपाध्याय चिकित्सालय (PDU) का एमसीएच विंग (मातृ और शिशु स्वास्थ्य विंग) लगातार उपलब्धियां हासिल करता जा रहा है। ‘ए’ निगेटिव ब्लड ग्रुप की गर्भवती का जटिल प्रसव कराकर इस विंग ने अपनी उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ लिया। आपरेशन के बाद जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं।

CMO डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत वर्ष 19 जुलाई को पं. दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय में नवनिर्मित 50 बेड के एमसीएच विंग का ऑनलाइन उद्घाटन किया था। पं. दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय मातृ और शिशु स्वास्थ्य को लेकर हर पल मुस्तैद है। एमसीएच विंग का उद्देश्य बच्चों और प्रसूताओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है, जिससे मातृ और शिशु मृत्यु-दर को कम किया जा सके। अस्पताल में सभी सुविधायें निशुल्क दी जाती हैं।

MS डॉ. आरके. यादव ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी उद्घाटन के बाद से ही चल रही है। यहां प्रसव भी सफलता पूर्वक कराए जा रहे हैं। फरवरी से यहां आपरेशन से भी प्रसव की सुविधा उपलब्ध है। अबतक 14 गर्भवतियों का आपरेशन से प्रसव कराया जा चुका है। पचास से अधिक गर्भवतियों का सामान्य प्रसव हो चुका है। उन्होंने बताया कि शुरू में ओपीडी में आठ से दस मरीज ही आते थे लेकिन अब इनकी संख्या प्रतिदिन 70 से अधिक हो चुकी है। शहरी क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं को सूचित और निर्देशित कर दिया गया है कि वह जिला महिला चिकित्सालय व सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की भांति नवनिर्मित एमसीएच विंग में भी स्त्री और प्रसूति रोग से संबंधित सेवाएं लेने का परामर्श दे सकती हैं। आने वाले समय में एमसीएच विंग को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कर दिया जायेगा।

एमसीएच विंग की प्रभारी डॉ. प्रीति यादव ने बताया कि हुकुलगंज की रहने वाली ऊषा सोनकर (30) को तीन अप्रैल को प्रसव पीड़ा के चलते यहां भर्ती कराया गया था। उसका यह दूसरा प्रसव था। जांच में पता चला कि वह ‘ए’ निगेटिव ब्लड ग्रुप की है। ऐसे में आपरेशन से उसका प्रसव कराना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। ऐसा इसलिए कि इस ब्लड गुप्र की उपलब्धता काफी कम होती है। आपरेशन के दौरान रक्त की जरूरत पड़ने पर परेशानी होती है। लिहाजा उक्त ब्लड गुप्र का पहले से प्रबंध कर उसका जटिल आपरेशन किया गया। अब जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। इस आपरेशन में उनके साथ डॉ. रश्मि सिंह, डॉ. आरके यादव सिस्टर अनिता और टीम शामिल थी। उन्होंने बताया कि नौ मार्च को एक मरीज का जटिल आपरेशन कर उसके गर्भाशय से सिस्ट हटाया गया था।

एब्डॉमिनल हिस्टेरेक्टॉमी के आपरेशन

पं. दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय के एमसीएच विंग (मातृ और शिशु स्वास्थ्य विंग) में एब्डॉमिनल हिस्टेरेक्टॉमी के भी सफल आपरेशन हो चुके हैं। डॉ. प्रीति यादव ने बताया कि एमसीएच विंग में एब्डॉमिनल हिस्टेरेक्टॉमी का पहला सफल आपरेशन गत फरवरी माह में पहडिया की रहने वाली बदरुनिशा (45) वर्ष का हुआ था। छह बच्चों की मां बदरुनिशा अधिक रक्तश्राव से परेशान थी। आपरेशन के बाद उसका गर्भाशय हटा दिया गया था। उसके बाद ऐसे तीन और मरीजों के आपरेशन कर उनका गर्भाशय हटाया गया। वह सभी स्वस्थ हैं।

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