Health Varanasi 

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की ओर आयोजन : Varanasi सहित UP के 26 जिलों की समीक्षा, डॉ. एस.के. सिकदर ने मातृ मृत्यु दर कम करने का तरीका बताया

Varanasi : परिवार कल्याण कार्यक्रम की सुविधाओं को समुदाय तक पहुंचाने के लिए जागरूकता और प्रोत्साहन की बेहद आवश्यक है। परिवार नियोजन के लिए बास्केट ऑफ चॉइस यानि स्थायी और अस्थायी गर्भनिरोधक साधनों की पहुंच बढ़ाना जरूरी है। नवीन व आधुनिक गर्भ निरोधक साधनों के उपयोग से मातृ और शिशु मृत्यु दर में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है।

वर्तमान में जारी हुये राष्ट्रीय फॅमिली हेल्थ सर्वेक्षण (एनएफएचएस), सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वेक्षण (एसआरएस) और हेल्थ मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) के अनुसार में गर्भ निरोधक साधनों में निरंतर गुणवत्तापूर्ण सुधार हुआ है।

लेकिन हमें जमीनी स्तर पर सुविधाओं के लिए अनुश्रवण व मूल्यांकन करना बेहद आवश्यकता है। यह बातें परिवार कल्याण और मातृत्व स्वास्थ्य, भारत सरकार के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. एस.के. सिकदर ने गुरुवार को कैंटोमेंट स्थित होटल में एक दिनी परिवार कल्याण की क्षेत्रीय समीक्षा बैठक व अभिमुखीकरण कार्यशाला में कहीं।

यह कार्यशाला स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित की गयी। डॉ. सिकदर ने कहा कि प्रदेश में अभी भी कम उम्र में महिलाओं की शादी हो रही हैं जिसके चलते वह समय से पूर्व गर्भधारण कर रही हैं।

परिवार नियोजन की सेवाओं का उपयोग कर गर्भधारण के समयांतराल को बढ़ाया जा सकता है, जिससे उच्च जोखिम गर्भावस्था, पोषण में कमी और कम उम्र में बच्चों को जन्म देने से बचाया जा सकता है।

इस मौके पर महाप्रबंधक, परिवार कल्याण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश डॉ. रिंकू श्रीवास्तव ने परिवार कल्याण कार्यक्रम सुदृढ़ीकरण व जनसंख्या नीति वर्ष 2021-30 पर रणनीतियों को लेकर विस्तार से चर्चा की।

कार्यशाला में वाराणसी सहित गोरखपुर, आजमगढ़, प्रयागराज, बस्ती, मिर्ज़ापुर व अयोध्या मण्डल के जनपदों से आए सीएमओ, एसीएमओ, एनएचएम यूपी से आए राज्य परिवार कल्याण परामर्शदाता, समस्त मंडलीय व जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जनपदों के एफपीएलएमआईएस मैनेजर और संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

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