Health उत्तर प्रदेश 

संचारी रोग से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया गया : 52 PHC पर आरोग्य मेला लगा, चिकित्सकीय परामर्श के साथ मरीजों को दवा दी गई

Varanasi : 52 ग्रामीण-शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला आयोजित हुआ। आरोग्य स्वास्थ्य मेले में 1767 मरीजों की निशुल्क स्वास्थ्य जांच की गयी। इसके साथ ही मरीजों निशुल्क दवा और चिकित्सीय परामर्श भी दिया गया। इसके अलावा सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर संचारी रोगों डेंगू, मलेरिया, पानी नहीं केवल स्तनपान और मौसमी बीमारियों के लिए जागरूक किया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि जिले की 52 पीएचसी में मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। मेले का उद्देश्य है कि एक ही छत के नीचे लोगों को अधिकाधिक स्वास्थ्य सुविधाएं, जांच, उपचार और दवाएं आदि उपलब्ध हो। हमारा प्रयास है कि इस मेले से अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हों।

उन्होंने बताया कि मेला परिसर में प्रवेश करने से पूर्व प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग की जा रही है। मेले में मास्क और सेनिटाइजर की भी व्यवस्था है। सभी लोग सहयोगात्मक व्यवहार करें। इससे जांच, उपचार और दवाओं आदि की सुविधा आसानी से मिल सकेगी।

CMO ने जनपदवासियों से अपील की कि संचारी रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया आदि से बचाव के लिए घर और आसपास ज्यादा दिन तक पानी जमा न होने दें, क्योंकि ठहरे पानी में ही डेंगू का मच्छर पनपता है। साफ-सफाई का जरूर ध्यान रखें। गर्म और ताजा खाना ही खाएं। पीने के पानी को हमेशा ढक कर रखें।

साफ पानी का ही उपयोग करें। उन्होंने कहा कि हर शनिवार-रविवार मच्छर पर वार को ध्यान में रखते हुए जमा हुए पानी स्रोतों का विनष्टीकरण जरूर करें। इसके साथ ही कोरोना से बचाव के लिए मास्क लगाना, दो गज दूरी और हाथों को बार-बार सैनिटाइज करना न भूलें।

मेले में 1767 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई जिसमें 675 पुरुषों, 880 महिलाओं और 212 बच्चों को देखा गया। इन स्वास्थ्य मेलों में आयुष्मान भारत योजना के स्टॉल लगाकर 28 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। इस दौरान कोविड हेल्प डेस्क पर 1147 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गईं, जिसमें 428 व्यक्तियों का एंटीजन किट से कोरोना टेस्ट किया गया जिसमें सभी व्यक्ति निगेटिव पाये गए।

इसके अलावा 62 लोगों की हेपेटाइटिस-बी व सी की जांच हुई, 111 बुखार के, 79 लोगों की मलेरिया जांच में एक भी पॉजिटिव नहीं, 20 लिवर, 93 श्वसन, 172 उदर, 66 मधुमेह, 270 त्वचा संबन्धित मरीज, 4 टीबी के संभावित लक्षण दिखने वाले व्यक्ति, 14 एनीमिक महिलाएं, 42 हाईपेर्टेंशन, 138 महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) एवं 667 अन्य रोगों के मरीज देखे गए। वहीं 11 मरीजों को संदर्भित किया गया। मेले में 9 कुपोषित बच्चे चिन्हित हुए।

7 मरीजों को चिकित्सीय उपचार के लिए भेजा गया। इसके अलावा 22 मरीजों को आंख की स्क्रीनिंग की गयी जिसमें 1 मरीज को सर्जरी, 2 मरीजों को ई इन टी सर्जरी एवं 1 मरीज को अन्य सर्जरी के लिए चिन्हित किया गया। जिला स्तर पर मेले में 83 मेडिकल ऑफिसर एवं 342 पैरामेडिकल स्टाफ ने कार्य किया।

मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में गोल्डन कार्ड बनवाने, गर्भावस्था, प्रसव कालीन परामर्श, पूर्ण टीकाकरण, परिवार नियोजन संबंधी साधनों और परामर्श की व्यवस्था रही। इसके साथ ही संस्थागत प्रसव संबंधी जागरूकता, जन्म पंजीकरण परामर्श, नवजात शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा परामर्श एवं सेवाएं, बच्चों में डायरिया एवं निमोनिया की रोकथाम के साथ ही टीबी, मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया, कुष्ठ आदि बीमारियों की जानकारी, जांच एवं उपचार की निशुल्क सेवाएं दी गईं। पीएचसी पर जो जांचें नहीं हो पाईं उन मरीजों को जांच के लिए सीएचसी अथवा जिला चिकित्सालय रेफर कर किया गया।

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